राष्ट्रीय

अजित पवार गुट में सब कुछ ठीक नहीं! सुनेत्रा और पार्थ से सहमत नहीं वरिष्ठ नेता, गृह मंत्री अमित शाह से की मुलाकात

Sunetra Pawar: महाराष्ट्र में एनसीपी के विलय और सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद सामने आ रहे हैं। अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को अमित शाह से मुलाकात कर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी।
2 min read
• •
Updated: 2 Nov 2026, 6:11 PM IST
amit shah
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। फाइल फोटो- पत्रिका

NCP Political Crisis: महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के विलय और सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर खींचतान जारी है। इसी बीच अजित पवार गुट के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद की चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा सूत्रों के अनुसार नेताओं की इस मुलाकात का मकसद यह संदेश देना था कि अजित पवार गुट के प्रमुख नेता अब भी एकजुट हैं, लेकिन वे सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार के साथ सभी मुद्दों पर सहमत नहीं हैं।

उमेश पाटिल ने इन चर्चाओं को खारिज किया

हालांकि एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटिल ने इन चर्चाओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि सुनेत्रा पवार ने अमित शाह के साथ पिछली मुलाकात में बताया था कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलना चाहता है। इसके लिए उन्होंने समय भी मांगा था। इसी के तहत सोमवार को बैठक हुई। शरद पवार गुट के सूत्रों के मुताबिक एनसीपी के विलय या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है।

भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं में नाराजगी

भाजपा चाहती है कि एनसीपी एक ही इकाई के रूप में एनडीए का हिस्सा बने। इसके लिए भाजपा नेतृत्व ने दोनों गुटों के बीच सत्ता का संतुलन बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार में मंत्री पद देने का प्रस्ताव भी रखा है। भाजपा सूत्रों का मानना है कि एनसीपी को अलग राजनीतिक दल के रूप में बनाए रखने से महाराष्ट्र में गठबंधन को मराठा और गैर-ब्राह्मण मतदाताओं का समर्थन मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार दूसरी ओर सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर भाजपा के अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी है।

महत्वाकांक्षाएं बन सकती है बाधा

उनका आरोप है कि गठबंधन में सत्ता साझा करते समय पार्टी के पुराने और जमीनी नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसे में भाजपा नेतृत्व अपने सहयोगी दलों को कमजोर करने से बचना चाहता है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, विलय की राह में कुछ नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं भी बाधा बन रही हैं। राज्यसभा सांसद पार्थ पवार चाहते हैं कि उनकी मां सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र सरकार में वित्त विभाग की जिम्मेदारी मिले। अजित पवार देवेंद्र फडणवीस सरकार में इस विभाग को संभाल रहे थे। पार्थ के एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की इच्छा जताने की भी चर्चा है।

'राजनीतिक रंग देने की कोशिश करना दुर्भाग्यपूर्ण'

वहीं एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे, कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल जैसे वरिष्ठ नेता सत्ता में हिस्सेदारी को सभी नेताओं के बीच समान रूप से बांटने के पक्ष में हैं। उधर उमेश पाटिल ने बैठक को पूरी तरह पहले से तय औपचारिक मुलाकात बताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि अजित पवार के निधन के बाद पार्टी से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर वरिष्ठ नेताओं ने चर्चा की। इन नेताओं को अजित पवार के कार्यकाल से जुड़े कुछ अहम मामलों, राज्य के हितों और पार्टी के विभिन्न विषयों की गहरी जानकारी है। इसी संदर्भ में यह बैठक हुई। पाटिल ने कहा कि इस मुलाकात को अनावश्यक राजनीतिक रंग देने की कोशिश करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

Updated on:
2 Nov 2026, 6:11 PM IST
Published on: