राज ठाकरे और निशिकांत दुबे के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। राज ठाकरे ने निशिकांत दुबे के "पटक-पटक कर मारेंगे" वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा, "दुबे तुम मुंबई आ जाओ, समुद्र में डुबो-डुबो कर मारेंगे।" दुबे ने जवाब दिया, "मैंने राज ठाकरे को हिंदी सिखा दी
गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने महीने भर पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे पर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि राज ठाकरे बिहार आएंगे तो पटक पटककर मारेंगे।
इसपर राज ठाकरे ने अब पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि दुबे अगर मुंबई आएंगे तो उन्हें समुद्र में डुबो-डुबोकर मारेंगे। इसपर गोड्डा सांसद ने भी करारा जवाब दिया है।
निशिकांत दुबे ने राज ठाकरे को जवाब देते हुए कहा कि मैंने राज ठाकरे को हिंदी सिखा दी। गोड्डा सांसद ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया है। जिसमें उन्होंने राज ठाकरे के वीडियो के साथ अपनी प्रतिक्रया दी है।
राज ठाकरे ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में भरे मंच से दुबे पर पलटवार करते कहा था कि तुम कहते हो कि मराठी लोगों को हम यहां पटक पटक के मारेंगे... तुम मुंबई आओ। मुंबई के समुद्र में डूबो डूबो के मारेंगे।
इसके साथ, राज ठाकरे ने जोर देकर यह भी कहा कि मैं मराठी और महाराष्ट्र के लोगों को लेकर कोई समझौता नहीं करूंगा। जो लोग महाराष्ट्र में रहते हैं, उनसे मैं यही कहना चाहता हूं कि जल्द से जल्द मराठी सीख लें, जहां भी जाएं मराठी बोलें।
राज ठाकरे ने आगे कहा कि कर्नाटक के लोग अपनी भाषा को लेकर लड़ते हैं। एक रिक्शावाला भी जानता है कि उसकी भाषा के लिए सरकार उसके पीछे खड़ी है। इसी तरह, आप भी एक स्तंभ की तरह बनिए और मराठी में ही बात कीजिए।
ठाकरे ने मुंबई में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि वे स्कूलों में हिंदी भाषा को अनिवार्य करेंगे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हिंदी के लिए लड़ रहे हैं। मराठी को सभी स्कूलों में अनिवार्य किया जाना चाहिए। लेकिन इसके बजाय, आप हिंदी को अनिवार्य करने की बात कर रहे हैं।
बता दें कि महाराष्ट्र में भाषा को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद छिड़ा है। ऐसे कई वीडियो सामने आए, जिसमें देखा गया कि राज ठाकरे के समर्थक मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में हिंदी बोलने वाले लोगों के साथ बहस कर रहे हैं। इसके बाद उनकी पिटाई भी कर रहे हैं।
इस तरह के कई मामले सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया। कई बड़े नेताओं ने इसको लेकर बयान जारी किया। उधर, सीएम फडणवीस ने साफ कह दिया कि वह मराठी भाषा को लेकर गंभीर हैं, लेकिन इसके नाम पर हिंसा करने वाले लोगों को नहीं छोड़ेंगे। इस बीच, निशिकांत दुबे के पटक पटककर मारेंगे वाले बयान ने सियासी जगत में खूब सुर्खियां बटोरी थी।