
BJD Disqualification Petition Rejected: ओडिशा विधानसभा की स्पीकर सुरमा पाढ़ी ने बीजू जनता दल (BJD) की उस अयोग्यता याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित क्रॉस वोटिंग के आरोप में अपने ही आठ विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी। इस फैसले के बाद सभी आठ विधायकों को फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विधानसभा स्पीकर सुरमा पाढ़ी ने मामले की सुनवाई के बाद BJD की अयोग्यता याचिका को खारिज कर दिया। स्पीकर के इस निर्णय के साथ ही क्रॉस वोटिंग के आरोपों में घिरे आठों विधायकों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की प्रक्रिया पर विराम लग गया है।
यह विवाद राज्यसभा चुनाव के दौरान सामने आया था, जब BJD ने अपने ही आठ विधायकों पर पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए क्रॉस वोटिंग करने का आरोप लगाया था। पार्टी का दावा था कि इन विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई थी।
इसके बाद BJD ने विधानसभा स्पीकर के समक्ष इन सभी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की याचिका दायर की थी, ताकि उन्हें दल-बदल या अनुशासनहीनता के आधार पर अयोग्य घोषित किया जा सके।
स्पीकर के इस फैसले को ओडिशा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। राज्यसभा चुनाव के बाद सामने आए क्रॉस वोटिंग विवाद के बीच यह निर्णय सत्ताधारी और विपक्षी दोनों खेमों में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, इस फैसले पर बीजू जनता दल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि पार्टी आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकती है।
क्रॉस वोटिंग के आरोप में 8 विधायकों के नाम सामने आए थे, जिन पर पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर मतदान करने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में जिन विधायकों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं, उनमें देबी रंजन त्रिपाठी, सौविक बिस्वाल, रमाकांत भोई, नबा किशोर मल्लिक, सुभासिनी जेना, चक्रमाणि कन्हारा, अरबिंद महापात्रा और सनातन महाकुड शामिल हैं। इन नामों के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा और हलचल देखने को मिली थी।