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PM मोदी ने यहूदी नववर्ष की दी थी बधाई, जवाब में PM नेतन्याहू ने भारत-इजरायल दोस्ती पर कही बड़ी बात

India-Israel Relations: PM मोदी की शुभकामनाओं के लिए शुक्रिया अदा करते हुए इजरायली पीएम ने कहा कि जल्द फिर मिलने का इंतज़ार रहेगा। हम सबसे पुरानी सभ्यता वाले देश हैं। हमारी दोस्ती अटूट है।
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Sep 14, 2026
India-Israel Relations
फोटो में पीएम मोदी और इजरायली पीएम नेतन्याहू (सोर्स- आईएएनएस)

India-Israel Diplomacy: भारत और इजरायल की दोस्ती एक बार फिर चर्चा में है। मौका था यहूदी नववर्ष यानी रोश हशनाह का। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के लोगों और दुनिया भर के यहूदी समुदाय को नए साल की शुभकामनाएं दीं। इसके जवाब में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी का खास अंदाज में धन्यवाद किया। उन्होंने मोदी की लीडरशिप और दोस्ती की तारीफ की। साथ ही भारत-इजरायल रिश्तों को दो महान लोकतंत्रों के बीच ‘बेमिसाल साझेदारी’ बताया।

नेतन्याहू बोले- ‘आपकी लीडरशिप और दोस्ती के लिए धन्यवाद’

नेतन्याहू ने कहा कि PM मोदी की लीडरशिप और पक्की दोस्ती के लिए फिर से धन्यवाद। होना चाहिए था।

उन्होंने भारत और इजरायल के पुराने संबंधों का भी जिक्र किया। नेतन्याहू ने कहा कि दोनों देशअपनी पुरानी सभ्यताओं। दो महान लोकतंत्रों के लिए जाने जाते हैं। हमारा रिश्ता (संबंध) अटूट है। नेतन्याहू ने आगे कहा कि वह और उनकी पत्नी सारा जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी से फिर मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

मोदी ने दीं शांति और तरक्की की शुभकामनाएं

बता दें इससे पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ‘रोश हशनाह’ की बधाई दी। उन्होंने लिखा था कि शाना तोवा! इसके साथ उन्होंने प्रधानमंत्री नेतन्याहू, इजरायल के लोगों और दुनियाभर के यहूदी समुदाय को शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने नए साल में शांति की कामना की। उन्होंने उम्मीद, अच्छी सेहत और लगातार तरक्की की भी शुभकामना दी।

BRICS घोषणा में पश्चिम एशिया पर भी चिंता

मोदी और नेतन्याहू के संदेशों के बीच BRICS की नई दिल्ली घोषणा भी अहम रही। इसमें पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर गहरी चिंता जताई गई। BRICS देशों ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। साथ ही घोषणा में आम लोगों की सुरक्षा की बात भी कही गई। देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर जोर दिया गया।

BRICS ने गाजा में जारी हिंसा पर भी चिंता जताई। उसने युद्धविराम बनाए रखने और गाजा में बिना रुकावट मानवीय मदद पहुंचाने की अपील की। साथ ही शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों और नागरिक ढांचे पर हमलों को लेकर चिंता जताई गई। परमाणु सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर भी जोर दिया गया। आतंकवाद का मुद्दा उठाया गया।

Updated on:
14 Sept 2026 06:51 pm
Published on:
14 Sept 2026 06:13 pm