घोटाले के किंगपिन धनबाद निवासी प्रमोद कुमार सिंह और उसके परिवार की 1.63 करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी तौर पर जब्त कर ली गई है। प्रमोद पहले NRHM में कांट्रैक्ट पर अकाउंट मैनेजर के रूप में काम करता था।
ईडी की झारखंड इकाई ने नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (NRHM) में 12 साल पहले हुए घोटाले से जुड़े केस में सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। घोटाले के किंगपिन धनबाद निवासी प्रमोद कुमार सिंह और उसके परिवार की 1.63 करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी तौर पर जब्त कर ली गई है। प्रमोद पहले NRHM में कांट्रैक्ट पर अकाउंट मैनेजर के रूप में काम करता था। अब उसका कोयले का बड़ा कारोबार है। झारखंड के एंटी करप्शन ब्यूरो ने नेशनल रूरल हेल्थ मिशन में प्राइमरी हेल्थ सेंटर के लिए वर्ष 2011-12 में आवंटित 6 करोड़ 97 लाख 43 हजार रुपए से अधिक की राशि के गबन का मामला पकड़ में आने के बाद 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इनमें प्रमोद मुख्य अभियुक्त था।
आरोप है कि उसने पीएचसी के लिए आवंटित राशि को अपने खाते में मंगवाकर खर्च किया। उसके खातों में पीएचसी के 10 अकाउंट की राशि ट्रांसफर की गई थी। उसकी पत्नी प्रिया सिंह के अकाउंट में भी गलत तरीके से पैसे ट्रांसफर किए गए थे। घोटाला सामने आने के बाद प्रमोद सिंह को बर्खास्त कर दिया गया था। कुछ माह पहले ईडी ने इस मामले में जांच शुरू की। जुलाई और अगस्त महीने में प्रमोद और इस घोटाले के अन्य आरोपियों के ठिकाने पर एजेंसी ने रेड डाली थी। इस दौरान कई दस्तावेज और नगद 2 लाख 17 हजार रुपए बरामद किए गए थे।
ईडी की जांच में यह सामने आया कि प्रमोद कुमार सिंह व एक अन्य कर्मी शशिभूषण प्रसाद (अब दिवंगत) ने पद का दुरुपयोग कर एनआरएचएम निधि के 9.39 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की। ईडी ने उसकी तीन गाड़ियां पहले ही जब्त की है। इसके अलावा प्रमोद कुमार सिंह के आवास से 2.17 लाख रुपए जब्त किए गए थे और उसके बैंक अकाउंट को फ्रीज कराया गया था।