
Rahul Gandhi controversy: इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। छात्र मुद्दों पर केंद्रित इस आयोजन को लेकर अब मंच पर हुए कथित एक प्रसंग ने भी सियासी बहस को हवा दे दी है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस की युवा राजनीति और सार्वजनिक मंचों पर मर्यादा को मुद्दा बनाया है। उनका बयान कार्यक्रम के मूल एजेंडे से इतर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा करता दिख रहा है।
इंदौर में आयोजित राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान वह ऐसे व्यक्ति के साथ मंच साझा करते नजर आए, जिसने एक बुजुर्ग महिला को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और उसे ‘सेटिंग’ कहकर मजाक बनाया।
केसवन का दावा है कि इस प्रसंग पर राहुल गांधी को हंसते हुए देखा गया। उन्होंने इसे महिलाओं और बुजुर्गों के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल खड़े किए। हालांकि, इन आरोपों और घटना की राजनीतिक व्याख्या को केसवन के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
बीजेपी प्रवक्ता ने आगे कांग्रेस नेता शशि थरूर के पूर्व बयानों का हवाला देते हुए दावा किया कि कांग्रेस और राहुल गांधी युवाओं से प्रभावी ढंग से जुड़ने में सफल नहीं रहे हैं। केसवन ने इसी संदर्भ में छात्र राजनीति का भी उल्लेख किया और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव में कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के प्रदर्शन को राहुल गांधी की राजनीति से जोड़कर देखा।
राहुल गांधी का इंदौर कार्यक्रम मुख्य रूप से छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर था। कार्यक्रम में युवाओं की ओर से पेपर लीक, सरकारी भर्तियों में देरी, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याएं उठाई गईं।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के सामने मौजूद अवसरों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने छात्रों की आवाज को लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बताते हुए अपने अभियान को आगे बढ़ाने की बात कही। कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का फोकस पेपर लीक, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े छात्र मुद्दों पर है।
इस कार्यक्रम का आयोजन पहले इंदौर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद तारीख और स्थान में बदलाव किया गया। आखिरकार 19 सितंबर को क्षेत्रीय पार्क के सामने IDA मैदान में कार्यक्रम हुआ।
कार्यक्रम के बाद बीजेपी की ओर से राहुल गांधी के खिलाफ लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। ऐसे में छात्र मुद्दों पर केंद्रित आयोजन अब राजनीतिक बयानबाजी का नया मंच भी बन गया है। दूसरी ओर, कांग्रेस कार्यक्रम को युवाओं और छात्रों की समस्याओं को सामने रखने वाली पहल के तौर पर पेश कर रही है।
समाचार स्रोत/एजेंसी: सीआर केसवन की प्रतिक्रिया का संदर्भ ANI (Asian News International)