
Rahul Gandhi on Sagar Liquor Deaths: मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने कहा कि कार्रवाई सिर्फ छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जिस किसी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आए, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश कांग्रेस की एक पोस्ट को साझा करते हुए कहा कि सागर में जहरीली शराब ने कई लोगों की जान ले ली। इससे कई परिवारों में मातम पसरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में सरकार के पास शासन नाम की कोई चीज नहीं बची है।
राहुल गांधी ने कहा दवा जहरीली है। शराब जहरीली है। पानी जहरीला है। उन्होंने कहा कि नई कानून बनाए जाते हैं लेकिन अगली घटना होने तक उन्हें भुला दिया जाता है।
राहुल गांधी ने कहा कि मध्य प्रदेश में ऐसी घटनाएं पहली बार नहीं हो रही हैं। उनके मुताबिक, हर बार कुछ लोगों की गिरफ्तारी होती है। कुछ अधिकारियों को निलंबित किया जाता है और जांच के आदेश दे दिए जाते हैं। इसके बाद मामला आगे नहीं बढ़ता। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार मध्य प्रदेश में 20 साल से सत्ता में है। इसके बावजूद ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। राहुल गांधी ने सवाल किया कि आखिर लोगों की जान जाने के बाद होने वाली कार्रवाई को ही कब तक जवाबदेही माना जाएगा।
राहुल गांधी ने अपने बयान में मध्य प्रदेश की पिछली घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हुई थी। पिछले साल जहरीली कफ सिरप से भी कई छोटे बच्चों की जान चली गई थी। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के बावजूद सरकार की ओर से ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए।
राहुल गांधी ने सागर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच के जरिए मौतों की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर नहीं होनी चाहिए। जांच में जिस किसी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आए, उसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी सागर के बांदा इलाके में जहरीली शराब से प्रभावित परिवारों के लिए न्याय की मांग की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोहन सरकार जिम्मेदारी से बच रही है।