
Reservation Hatao Andolan: नई दिल्ली में 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' (RHA) के बैनर तले जातिगत आरक्षण और यूजीसी के कुछ नियमों के विरोध में भारी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए हैं। शुरुआत में पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं देने की बात कही थी, लेकिन सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के बीच प्रदर्शन जारी है। जंतर मंतर पर देर शाम तक भी सैकड़ों प्रदर्शनकारी विरोध स्थल पर डटे हुए हैं।
आंदोलनकारियों की जातिगत आरक्षण को समाप्त कर उसे आर्थिक आधार पर लागू करने की प्रमुख मांग है। इसके अलावा, आरक्षित वर्ग के संपन्न परिवारों या अधिकारियों के बच्चों को आरक्षण के दायरे से बाहर करने और यूजीसी के कुछ नए प्रावधानों को वापस लेने की भी मांग है। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा कड़ी कर दी है।
"रिज़र्वेशन हटाओ आंदोलन" डिजिटल अभियान के तौर पर शुरू हो रहा है। यह एक इंस्टाग्राम-आधारित पेज है, जिसे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले विरोध-प्रदर्शन के पैटर्न पर शुरू किया गया है। इस कैंपेन के इंस्टाग्राम पर 56 लाख (5.6 मिलियन) फॉलोअर्स बताए गए हैं।
आंदोलनकारियों की जातिगत आरक्षण को समाप्त कर उसे आर्थिक आधार पर लागू करने की प्रमुख मांग है। इसके अलावा, आरक्षित वर्ग के संपन्न परिवारों या अधिकारियों के बच्चों को आरक्षण के दायरे से बाहर करने और यूजीसी के कुछ नए प्रावधानों को वापस लेने की भी मांग है। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा कड़ी कर दी है।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट) के कार्यालय से जारी एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की NOC की खबरों का खंडन किया था, जिनमें कहा गया था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत दे दी गई है। पुलिस ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर जारी एक बयान में कहा, "जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के प्रदर्शन, जुलूस, रैली या सभा के लिए कोई इजाजत नहीं दी गई है।"
RHA ने X पर लिखा कि जंतर-मंतर के लिए एक महीने पहले ही इजाजत मांगी गई थी। लेकिन विरोध वाले दिन अचानक जगह बदलकर रामलीला मैदान कर दी गई और लोगों की संख्या 500 तय कर दी गई। आप सिर्फ जगह नहीं बदल रहे हैं, बल्कि किसी तरह आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।