Attari-Wagah border: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने अमृतसर के अटारी बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी पर रोक लगा दी गई थी। सीजफायर और तनाव कम होने के बाद अटारी बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी को दोबारा शुरू किया गया है।
Attari-Wagah border: भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद पंजाब के अमृतसर में अटारी-वाघा बॉर्डर, फिरोजपुर के हुसैनीवाला और सादकी बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी मंगलवार शाम फिर शुरू हो गई। बॉर्डर पर कंटीले तारों से दूसरी तरफ खेती करने वाले किसानों के लिए गेट भी खोल दिए गए। बॉर्डर पर शांति को देखते हुए रिट्रीट सेरेमनी दोबारा शुरू करने का फैसला किया गया। बीएसएफ जवानों और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच इस सेरेमनी को देखने कई लोग पहुंचे।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद तीनों बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी सात मई को बंद कर दी गई थी। इस दौरान सूर्यास्त पर राष्ट्रीय ध्वज झुकाने की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रही, लेकिन गेट नहीं खोले गए। अटारी-वाघा बॉर्डर पर एकीकृत चेकपोस्ट अब भी बंद है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने सोमवार को शाहपुर सीमा चौकी पर बीएसएफ अफसरों और जवानों से मुलाकात के बाद किसानों के लिए गेट खोलने का ऐलान किया था।
किसानों की शिकायत थी कि गेट बंद होने से उनके खेती के काम पर असर पड़ रहा है। गेट खुलने के बाद किसान सामान्य रूप से अपने खेतों पर जा सकेंगे। पाकिस्तान के साथ तनाव के बाद फेंसिंग पर लगे गेट भी बंद कर दिए गए थे और किसानों के फेंसिंग पार जाने पर रोक लगा दी गई थी।
बीएसएफ के जवानों ने फेंसिंग पार की सारी जमीन को चेक किया कि कहीं दुश्मन ने लैंडमाइन तो नहीं बिछाई हैं। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद किसानों के लिए गेट खोले गए। अमृतसर की टैक्सी यूनियन के हजारों परिवारों की रोजी-रोटी रिट्रीट देखने आने वाले सैलानियों से चलती है। रिट्रीट बंद होने से उनकी कमाई बंद हो गई थी। यूनियन ने सरकार ने रिट्रीट फिर शुरू करने की मांग की थी।