
Priyank Kharge: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को केंद्र से राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने पर कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दक्षिणी राज्यों के साथ केंद्र का रवैया भेदभावपूर्ण है।
प्रियंक खरगे ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि रेवंत रेड्डी की अमेरिका यात्रा तेलंगाना और देश के हित में थी। इस दौरान उन्हें विश्वविद्यालयों के साथ बातचीत करनी थी और संस्थागत साझेदारी के लिए समझौते करने थे।
खरगे ने विदेश मंत्रालय की उस दलील पर सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि रेवंत रेड्डी की यात्रा उनके पद और यात्रा के उद्देश्य के लिहाज से उचित नहीं थी। उन्होंने पूछा कि आखिर इसमें गलत क्या था। क्या किसी राज्य के लिए प्रमुख विश्वविद्यालयों का दौरा करना और संस्थागत समझौते करना गलत है? खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार निवेश और सहयोग से जुड़े मामलों में गुजरात और बीजेपी शासित राज्यों को प्राथमिकता दे रही है।
प्रियंक खरगे ने अपने पिछले साल के अमेरिका दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय उनके आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल को पहले राजनीतिक मंजूरी नहीं दी गई थी। खरगे के मुताबिक, बाद में उनके नाम को कार्यक्रम से हटाए जाने के बाद उसी यात्रा कार्यक्रम को मंजूरी दे दी गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि इस स्थिति को किस तरह देखा जाना चाहिए।
कर्नाटक के मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सहकारी संघवाद की बात तो करती है, लेकिन दक्षिणी राज्यों के साथ दूसरे दर्जे के हिस्सेदार जैसा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय ने उनके पिछले दौरे को मंजूरी नहीं देने की वजह का अब तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।
खरगे ने अपने पोस्ट में केंद्र की नीति पर निशाना साधते हुए लिखा कि उसका एजेंडा 'विकसित गुजरात, न कि विकसित भारत' जैसा दिखाई देता है।
वहीं, विदेश मंत्रालय ने रेवंत रेड्डी की अमेरिका यात्रा को राजनीतिक मंजूरी नहीं देने की वजह भी बताई है। मंत्रालय के मुताबिक, प्रस्तावित यात्रा पद और यात्रा के उद्देश्य के लिहाज से उचित नहीं मानी गई, इसलिए राजनीतिक मंजूरी नहीं दी गई।
रेवंत रेड्डी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को मंजूरी नहीं मिलने के बाद अब इस मुद्दे पर केंद्र और दक्षिणी राज्यों के नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।