
जम्मू-कश्मीर के 5 जिलों में NIA की ताबड़तोड़ छापेमारी (फोटो - एएनआई)
NIA Raid Jammu Kashmir: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में सीमा पार आतंकी साजिश से जुड़े मामले में 10 ठिकानों पर छापेमारी की है। ये कार्रवाई श्रीनगर, कुपवाड़ा, अनंतनाग, पुलवामा और बडगाम में की गई। जांच में पाकिस्तान स्थित आतंकियों के हैंडलर्स और स्थानीय ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के नेटवर्क की भूमिका खंगाली जा रही है।
NIA के मुताबिक, स्थानीय OGWs पर घुसपैठ कर आए आतंकियों को लॉजिस्टिक और दूसरी तरह की मदद देने का आरोप है। तलाशी के दौरान जांच से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल सामग्री और अन्य सबूत जुटाए गए हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, अब तक की जांच में पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स और स्थानीय सहयोगियों के बीच कथित संबंध सामने आए हैं। स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल आतंकियों से संपर्क, उनके आने-जाने, ठिकाने और छिपने की व्यवस्था के साथ-साथ रेकी और दूसरी तरह की मदद के लिए किए जाने का आरोप है। NIA अब इस नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका और उनके बीच संबंधों की जांच कर रही है।
NIA ने बताया कि यह मामला श्रीनगर के जाकूरा पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR से शुरू हुआ था। बाद में इसे NIA ने अपनी जम्मू शाखा में दोबारा दर्ज किया। मामला 31 मार्च 2026 की देर रात एक नाके पर एक OGW की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था। एजेंसी के मुताबिक, आरोपी के कथित तौर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े होने की बात सामने आई थी। उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड और जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे।
NIA ने कहा कि जांच के दौरान इस साजिश से कथित तौर पर जुड़े पाकिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही स्थानीय सपोर्ट नेटवर्क के सदस्यों की पहचान और उनकी कथित भूमिकाओं का भी पता लगाया गया। जांच एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की गतिविधियों और सीमा पार आतंकवाद को मदद पहुंचाने वाले तंत्र की पड़ताल कर रही है।
जांच सिर्फ आरोपियों की भूमिका तक सीमित नहीं है। NIA पैसों के लेनदेन, संचार माध्यमों, आरोपियों की आवाजाही और हथियारों व विस्फोटकों के स्रोत की भी जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि इसका उद्देश्य पूरे नेटवर्क और उसकी गतिविधियों का पता लगाना है।
NIA ने कहा कि शनिवार की छापेमारी बड़ी आतंकी साजिश की चल रही जांच का हिस्सा है। एजेंसी सभी संभावित आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका तय करने में जुटी है।
जांच के नतीजों के आधार पर आगे गिरफ्तारी या अन्य बरामदगी जैसी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
Updated on:
22 Aug 2026 09:49 pm
Published on:
22 Aug 2026 09:48 pm
