
Mangani Lal Mandal on EVM: इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती की मांग का अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी समर्थन किया है। RJD के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि विपक्षी दलों को इन मशीनों से जुड़ी चुनावी गड़बड़ियों पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले बैलेट बॉक्स के साथ छेड़छाड़ या बूथ कैप्चरिंग की घटनाएं तुरंत पता चल जाती थीं, जिससे प्रशासन को दोबारा पोलिंग का आदेश देना पड़ता था। लेकिन वोटिंग मशीनों के मामले में, ऐसी हेराफेरी सॉफ्टवेयर के जरिए चुपके से की जा सकती है।
EVM और बैलेट पेपर सिस्टम की तुलना करते हुए RJD प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बड़ी राजनीतिक पार्टियों की राय एक जैसी है कि इन मशीनों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की संभावना है। अगर आप दोनों सिस्टम की तुलना करें, तो आपको अंतर दिखेगा। पहले पोलिंग स्टेशनों पर फर्जी वोटिंग या धांधली का आसानी से पता चल जाता था। बूथ कैप्चरिंग की घटनाएं सामने आती थीं और चुनाव आयोग संज्ञान लेकर दोबारा पोलिंग का आदेश देता था। लेकिन इन इलेक्ट्रॉनिक मशीनों के साथ पूरा खेल चुपके से खेला जाता है। बैलेट बॉक्स के साथ ऐसी तकनीकी छेड़छाड़ मुमकिन नहीं थी, जबकि मशीनों के साथ सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके छेड़छाड़ की जा रही है।
मंगनी लाल मंडल ने कहा कि RJD का आधिकारिक रुख मायावती के रुख से मेल खाता है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भी यही राय है, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी यही कह रहे हैं और दक्षिण भारत की विपक्षी पार्टियों ने भी यही रुख अपनाया है। जब मशीनों के जरिए चुनावी नतीजों में हेरफेर की आशंकाएं इतनी पुख्ता हैं, तो इस मुद्दे पर पूरे विपक्ष की एक राय बननी चाहिए और देशव्यापी स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाना चाहिए।
चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए मांगनी लाल मंडल ने कहा कि अगर सत्ताधारी पार्टी चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था को हथियार या राजनीतिक औजार बना लेती है, तो यह देश के लोकतंत्र के लिए विनाशकारी होगा। चुनावी व्यवस्था में हो रही मौजूदा घटनाएं लोकतंत्र के भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। इस बात का भी खतरा है कि भविष्य में इस रास्ते का इस्तेमाल देश के पूरे संविधान को बदलने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने के लिए किया जा सकता है।