
प्रशांत किशोर (फ़ोटो- IANS)
Bihar MLC Election: जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार विधान परिषद की पटना ग्रेजुएट सीट के लिए पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह पर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आरोप लगाने से कोई बात सच नहीं हो जाती। प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज की ओर से किसी ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने का सवाल ही नहीं उठता, जिसका गंभीर आपराधिक बैकग्राउंड हो। उन्होंने मीडिया और विरोधियों को खुली चुनौती दी कि यदि उनके पास कोई ठोस सबूत या अदालती संज्ञान के दस्तावेज हैं तो सामने लाएं, नामांकन की अंतिम तिथि तक उस पर संज्ञान लिया जाएगा।
अनुज सिंह का बचाव करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "बिना सही जांच पड़ताल के किसी व्यक्ति द्वारा लगाए गए आरोपों को सच मान लेना गलत है। उन्हें अपना पक्ष रखने दें। निश्चिंत रहें, जन सुराज किसी भी ऐसे उम्मीदवार को मैदान में बिल्कुल नहीं उतारेगा जिसके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज हो।"
जन सुराज की नीति को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा, "आपको याद होगा कि मुजफ्फरपुर तिरहुत सीट के लिए, जब पूर्व उम्मीदवार भूषण झा के हलफनामे से जुड़ा जमीन विवाद का मामला सामने आया था, तो पार्टी ने तुरंत उनकी जगह कारगिल शहीद के भाई को उम्मीदवार बना दिया था। अनुज जी भी पार्टी के लिए नए नहीं हैं। उन्होंने पहले नवादा से जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ा है, कांग्रेस पार्टी के साथ दस साल बिताए हैं और शिक्षा के क्षेत्र में एक जाने-माने व्यक्ति हैं।"
इस विवाद पर सफाई देते हुए, उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह ने खुद मीडिया के सामने FIR की कॉपी पेश की। उन्होंने कहा, "2022 में किसी ने सोशल मीडिया पर एक फ़र्ज़ी वीडियो पोस्ट किया था। जैसे ही मुझे इसके बारे में पता चला, मैंने वीडियो डाउनलोड किया और तुरंत पुलिस में FIR दर्ज कराई। मेरी छवि कभी खराब नहीं हुई है, और न ही मैं कभी जेल गया हूँ। बिना तथ्यों को समझे किसी पर ऐसे मनगढ़ंत आरोप लगाना पूरी तरह गलत है।" अनुज सिंह ने बताया कि जिस व्यक्ति ने असल में वह वीडियो बनाया था, उसे दो महीने जेल में रहना पड़ा था।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला एक दिलचस्प त्रिकोणीय लड़ाई में बदल गया है। जदयू ने एक बार फिर इस सीट के लिए अपने वरिष्ठ नेता और मौजूदा MLC नीरज कुमार को मैदान में उतारा है। हालांकि, मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह नीरज कुमार का विरोध कर रहे हैं और जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं। वहीं, जन सुराज के नेता और विधानसभा चुनाव के पूर्व उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर नीरज कुमार का समर्थन किया है।
पीयूष प्रियदर्शी की बगावत पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "क्या वे कभी सच में पार्टी का हिस्सा थे भी, कि वे बागी बन सकें? उन्हें टिकट दिया गया और उन्होंने चुनाव लड़ा। अब वे बागी बनें या सहयोगी, इससे संगठन को कोई फर्क नहीं पड़ता।" प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि जन सुराज पदयात्रा के समय से जुड़े लाखों समर्पित कार्यकर्ताओं के दम पर चलती है, न कि उन लोगों के दम पर जो सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए आते हैं।
प्रशांत किशोर ने आगे स्पष्ट किया कि पार्टी ने पूरी तरह से बैकग्राउंड चेक किया था, और उनके रिकॉर्ड के अनुसार, डॉ. अनुज सिंह के खिलाफ कोई प्रतिकूल जानकारी या आपराधिक मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई जानकारी हमारी नजर से छूट गई हो लेकिन खोजी पत्रकारिता के जरिए सामने आती है, तो हम निश्चित रूप से उस पर गौर करेंगे। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 7 तारीख है, इसलिए अभी भी 10-15 दिन बचे हैं। जन सुराज किसी भी कीमत पर ईमानदारी और पारदर्शिता की राजनीति से समझौता नहीं करेगा।
Updated on:
28 Sept 2026 04:41 pm
Published on:
28 Sept 2026 04:41 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
