
RK Singh China Arunachal Pradesh: बीजेपी के पूर्व नेता आरके सिंह ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित घुसपैठ को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर कर सरकार से सीमा पर चीनी गतिविधियों को लेकर सीधे जवाब देने की मांग की है।
आरके सिंह ने कहा कि उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिली है कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सीमा के करीब 60 किलोमीटर अंदर तक आ गई है। उन्होंने दावा किया कि एक पेट्रोलिंग पॉइंट सेरा-5 तक पहले भारतीय सेना की पेट्रोलिंग पार्टियां नियमित रूप से जाती थीं।
उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले भारतीय सेना की पेट्रोलिंग पार्टी का चीनी सेना की पेट्रोलिंग पार्टी से आमना-सामना हुआ था। इसके बाद भारतीय सेना ने वहां पेट्रोलिंग बंद कर दी और अब कथित तौर पर उस इलाके में चीनी सेना का कब्जा हो गया है। आरके सिंह के मुताबिक, वहां भारतीय सेना की ओर से बनाए गए कुछ ढांचों को भी तोड़ दिया गया है।
आरके सिंह ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि क्या यह सही है कि सेरा-5 पर चीनी सेना ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने यह भी पूछा कि भारत-चीन सीमा पर ऐसे कितने पेट्रोलिंग पॉइंट हैं, जहां पहले भारतीय सेना पेट्रोलिंग करती थी, लेकिन अब वहां जाना बंद हो गया है। साथ ही उन्होंने सरकार से पूछा कि इनमें से कितने पेट्रोलिंग पॉइंट पर चीनी सेना का कब्जा हो चुका है।
पूर्व बीजेपी नेता ने एक मंत्री के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि चीनी सेना के भारतीय सीमा के अंदर आने की बात कहना गलत है, क्योंकि सीमा का स्पष्ट रूप से निर्धारण नहीं हुआ है। आरके सिंह ने कहा कि मंत्री ने अपने बयान में कहा था कि पहले सीमा तक सड़कें नहीं बनाई जाती थीं, लेकिन 2014 के बाद मोदी सरकार के कार्यकाल में सीमावर्ती इलाकों तक सड़क निर्माण शुरू हुआ।
उन्होंने कहा कि गांव वालों की ओर से कही जा रही बातों को आपसी मुद्दा बताकर खारिज किया जा रहा है, लेकिन उनके द्वारा उठाए गए पेट्रोलिंग पॉइंट के सवाल का सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
आरके सिंह ने कहा कि पेट्रोलिंग पॉइंट से जुड़ी जानकारी को महज फेक न्यूज कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। सरकार को इस मुद्दे पर सीधे-सीधे जवाब देना चाहिए और अगर कहीं गलती हुई है तो उसे सुधारना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह देश की सीमा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। ऐसे मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने यह सवाल उठाया है, ताकि जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, वे समझें कि कहीं कोई गलती तो नहीं हो रही है।