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Semicon 2.0 को मंजूरी, 1.27 लाख करोड़ रुपये का बजट; चिप डिजाइन से मैन्युफैक्चरिंग तक पूरे सेक्टर को मिलेगा समर्थन

Semicon 2.0 Scheme: सरकार ने 1.27 लाख करोड़ रुपये के प्रावधान वाली Semicon 2.0 योजना अधिसूचित की है। योजना में चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग, टेस्टिंग और सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माण समेत पूरी वैल्यू चेन को वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है।
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Aug 31, 2026
railway minister Ashwini Vaishnaw,
Railway Minister Ashwini Vaishnaw(Image-ANI)

Semicon 2.0 Scheme: सरकार ने सोमवार को Semicon 2.0 योजना को अधिसूचित कर दिया। इस योजना के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइन इकोसिस्टम को मजबूत करना और उसका विस्तार करना है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, योजना के तहत चिप उद्योग की पूरी वैल्यू चेन में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसमें सेमीकंडक्टर डिजाइन से लेकर निर्माण, असेंबली, पैकेजिंग और टेस्टिंग तक के अलग-अलग क्षेत्र शामिल हैं।

6 हिस्सों में बांटी गई Semicon 2.0 योजना

Semicon 2.0 को छह अलग-अलग सेगमेंट में संरचित किया गया है। इनमें भारतीय कंपनियों द्वारा सेमीकंडक्टर डिजाइन, चिप निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल इक्विपमेंट का उत्पादन, सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट्स और चिप असेंबली, पैकेजिंग एवं टेस्टिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य सेमीकंडक्टर क्षेत्र को लगातार नीतिगत समर्थन देना और देश में व्यापक डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने की प्रक्रिया को तेज करना है।

चिप उद्योग की पूरी वैल्यू चेन को मिलेगा वित्तीय सहयोग

Semicon 2.0 के तहत सेमीकंडक्टर उद्योग के अलग-अलग वर्टिकल में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें चिप डिजाइन और फैब्रिकेशन के अलावा पैकेजिंग तथा सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े अन्य क्षेत्र भी शामिल हैं। सरकार का फोकस सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विकसित करने तक सीमित नहीं है। योजना के तहत सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन में घरेलू क्षमताओं को विकसित करने पर जोर दिया गया है।

रणनीतिक चिप्स की पहचान के लिए बनेगी हाई लेवल कमेटी

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार एक हाई लेवल एक्सपर्ट पैनल गठित करेगी। यह पैनल उन रणनीतिक सेमीकंडक्टर चिप्स की पहचान करेगा, जिन्हें Semicon 2.0 के तहत प्रोत्साहन दिया जाएगा। वैष्णव के मुताबिक, इस समिति की संयुक्त अध्यक्षता प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) करेंगे। यह समिति राष्ट्रीय महत्व और रणनीतिक प्राथमिकताओं के आधार पर उन सेमीकंडक्टर उत्पादों की पहचान करेगी, जो योजना के तहत प्रोत्साहन के योग्य होंगे।

घरेलू कंपनियों को चिप डिजाइन में भागीदारी के लिए प्रोत्साहन

Semicon 2.0 के तहत घरेलू कंपनियों को सेमीकंडक्टर डिजाइन के क्षेत्र में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और टेस्टिंग से जुड़ी सुविधाओं को भी समर्थन दिया जाएगा। चिप निर्माण में इस्तेमाल होने वाले विशेष उपकरणों के उत्पादन से जुड़े क्षेत्र को भी योजना में शामिल किया गया है।

विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता कम करने पर जोर

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि Semicon 2.0 से भारत को सेमीकंडक्टर पर निर्भर कई उत्पादों के लिए विदेशी आपूर्ति पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। जब उनसे पूछा गया कि किन क्षेत्रों में भारत भविष्य में घरेलू मांग को पूरा करने की स्थिति में पहुंच सकता है, तो उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सेंसर जैसे उत्पादों के लिए घरेलू जरूरत का 100 प्रतिशत तक पूरा करने में सक्षम बनाना है।

इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर रक्षा तक के लिए अहम सेमीकंडक्टर सेक्टर

Semicon 2.0 की अधिसूचना ऐसे समय में आई है जब भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने और घरेलू क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर सेक्टर को इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार, रक्षा और अन्य रणनीतिक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। योजना के जरिए सरकार देश में सेमीकंडक्टर डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी क्षमताओं के विस्तार पर जोर दे रही है।

Updated on:
31 Aug 2026 05:17 pm
Published on:
31 Aug 2026 05:17 pm