
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसे पाकिस्तान की "हताशा" पर कोई टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इस्लामाबाद ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की जम्मू-कश्मीर को "भारत का अहम हिस्सा" बताने वाली हालिया टिप्पणियों पर एक सीनियर अमेरिकी राजनयिक को तलब किया था।
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि, "जम्मू, कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं। वे थे, वे हैं और वे ऐसे ही रहेंगे।" MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हर दो हफ्ते में होने वाली प्रेस ब्रीफिंग के दौरान यह बात कही।
अमेरिकी राजदूत द्वारा J&K को भारत का अहम हिस्सा बताए जाने के बाद विवाद बुधवार को J&K की अपनी यात्रा के दौरान गोर ने केंद्र शासित प्रदेश को "भारत का अहम हिस्सा" बताया। यह जम्मू-कश्मीर की उनकी पहली यात्रा थी, जिसके दौरान भारत में अमेरिकी राजदूत ने यह भी कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र के लिए अपनी यात्रा सलाह (travel advisories) पर फिर से विचार करेगा।
गोर ने जम्मू-कश्मीर को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन द्वारा की गई सुरक्षा कोशिशों की तारीफ़ की। साथ ही, उन्होंने वॉशिंगटन के रुख में संभावित बदलाव का संकेत देते हुए कहा कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर के लिए अपनी सबसे ऊंचे स्तर की ट्रैवल वॉर्निंग (यात्रा चेतावनी) पर फिर से विचार कर सकता है और उसे "कम" कर सकता है।
गोर ने कहा, "यह भारत का एक अहम हिस्सा है और इसलिए मैं पहली बार यहां आया हूं। यह बहुत ही खूबसूरत जगह है, और मैं यहां आकर और इस जगह को देखकर बहुत खुश हूं। हमारी बैठक बहुत अच्छी रही, और कुछ बातें हैं जिन पर आगे काम करना है, हम उन्हें वॉशिंगटन और दिल्ली ले जाएंगे। लेकिन बातचीत बहुत गर्मजोशी भरी और दोस्ताना रही, और हम इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।"
हालांकि, इन बयानों से पाकिस्तान नाराज हो गया। बाद में इस्लामाबाद ने अमेरिकी 'चार्ज डी अफेयर्स' (राजनयिक प्रतिनिधि) को तलब किया और विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति के बारे में गोर के बयान "तथ्यात्मक रूप से गलत" थे और कश्मीर पर वॉशिंगटन के लंबे समय से चले आ रहे रुख के उलट थे। बयान में पाकिस्तान ने कहा कि उसने इन बयानों की "कड़ी निंदा" की और उन्हें "गैर-जिम्मेदाराना" बताया।