
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ( इमेज सोर्स: ANI)
भारत और पाकिस्तान के बीच एक और कूटनीतिक घमासान हो गया है। पाकिस्तान में भारतीय हाई कमीशन के परिसर में कुछ ढांचे जबरन तोड़ दिए गए। इसको लेकर भारत ने पहले ही अनुरोध किया था कि ऐसा न किया जाए, लेकिन पाकिस्तान ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
इसके जवाब में भारत ने दिल्ली स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन के बाहर गली में लगे कुछ अस्थायी ढांचे तोड़ दिए। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि हमने एक तरह से 'बराबर की कार्रवाई' की। यानी जितना नुकसान वहां हुआ, उतना ही जवाब यहां दिया गया।
जायसवाल ने कहा- हमने यहां (दिल्ली में) पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर वाली गली में बने कुछ अस्थायी ढांचे हटा दिए। बता दें कि दोनों देशों के बीच दूतावासों को लेकर पहले भी ऐसे विवाद होते रहे हैं।
भारत ने अपने कदम को जरूरी जवाबी कार्रवाई बताया है। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने यमन तट के पास समुद्री डाकुओं द्वारा अगवा किए दो जहाजों पर भी प्रतिक्रिया दी। इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नाविक सवार थे। एक जहाज पर 16 और दूसरे पर 6 भारतीय काम कर रहे थे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि फिलहाल ये सभी 22 नाविक सुरक्षित हैं। सरकार संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क में है ताकि उनकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित की जा सके।
यह घटना यमन और सोमालिया के बीच उन इलाकों में हुई जहां समुद्री डाकुओं की गतिविधियां समय-समय पर बढ़ जाती हैं। भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर मंत्रालय सतर्क है और आगे की जानकारी मिलते ही जरूरी कदम उठाए जाएंगे। परिवार वाले भी चिंतित हैं, लेकिन आधिकारिक बयान से राहत की बात सामने आई है कि अभी तक किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
भारत सरकार की ओर से कहा गया है कि नाविकों के मामले में संबंधित देशों और एजेंसियों से बातचीत चल रही है। बताया जाता है की भारतीय नाविक अक्सर अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर काम करते हैं। ऐसे में समुद्री डाकुओं का खतरा बना रहता है। सरकार ने पहले भी कई बार ऐसे मामलों में नाविकों को सुरक्षित निकालने में मदद की है।
Updated on:
21 Aug 2026 05:30 pm
Published on:
21 Aug 2026 05:29 pm
