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सोनम वांगचुक का भावुक वीडियो संदेश जारी ,कहा-सरकार भरोसा दे तो आज ही खत्म कर दूंगा अनशन

Sonam Wangchuk Statement: सोनम वांगचुक ने बुधवार शाम गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से एक वीडियो मैसेज जारी किया। वांगचुक ने कहा, मेरे अनशन को 25 दिन बीत गए हैं लेकिन मैं अभी तक जिंदा हूं।
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Sonam Wangchuk Hunger Strike
सोनम वांगचुक ने अस्पताल से जारी​ किया वीडियो संदेश, photo- ANI

Sonam Wangchuk Statement: सोनम वांगचुक ने बुधवार शाम गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से एक वीडियो मैसेज जारी किया। वांगचुक ने कहा, मेरे अनशन को 25 दिन बीत गए हैं लेकिन मैं अभी तक जिंदा हूं। कुछ सांसद मुझसे मिलने आए, उन्होंने भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की।

भरोसा मिले तो आज ही खत्म करुंगा अनशन

सोनम वांगचुक ने सरकार से भावक अपील करते हुए कहा कि, बच्चों पर बल प्रयोग नहीं करें। उन्होंने कहा, मुझे अगर सरकार की तरफ से भरोसा मिले तो मै आज ही अनशन खत्म करने को तैयार हूं। बस सरकार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करे।

इससे पहले शाम को, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को लिखे एक पत्र में वांगचुक ने कहा कि सरकार से आश्वासन मिलने के बाद वह छात्रों और प्रदर्शनकारियों से अपना आंदोलन रोकने का आग्रह करेंगे।

वांगचुक ने पत्र में यह लिखा

20 जुलाई 2026 को 'चलो संसद' मार्च के दौरान पुलिस की ज्यादतियों और जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के बावजूद यह मार्च बहुत शांतिपूर्ण रहा। पूरे देश और दुनिया ने लोकतांत्रिक विरोध के प्रति उनके धैर्य और संकल्प को देखा। मुझे पूरी उम्मीद है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में इस भरोसे को किसी भी कानूनी मामले, उत्पीड़न या इसमें शामिल लोगों के खिलाफ बदले की भावना से की गई कार्रवाई से कमजोर नहीं किया जाएगा।

अलग-अलग राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने मुझे पत्र लिखा है। कुछ लोग आ भी चुके हैं और बाकी के आज शाम तक आने की उम्मीद है। उन सभी ने मुझसे अपना अनशन खत्म करने का आग्रह किया है और याद दिलाया है कि देश की सेवा में मुझे अभी बहुत काम करना है। मैं उनसे सहमत हूं। मैं जीना चाहता हूं। मैं अपने छात्रों, शिक्षा और उस काम में लौटना चाहता हूं जिसने मेरी जिंदगी को एक पहचान दी है। लेकिन मैं उन युवा लोगों की कीमत पर ऐसा नहीं कर सकता जिनके लिए यह आंदोलन शुरू हुआ था।

सरकार ने मेरी अपील सुनी

मैं सरकार से सम्मानपूर्वक यह स्पष्ट आश्वासन चाहता हूं कि इस आंदोलन में शामिल होने के कारण किसी भी युवा प्रदर्शनकारी को किसी दंडात्मक या बदले की भावना वाली कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। उनका एकमात्र अपराध एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा प्रणाली के लिए आवाज उठाना रहा है।

अगर ऐसा आश्वासन दिया जाता है, तो मैं इस भरोसे के साथ अपना अनशन खत्म करूंगा कि सरकार ने न केवल मेरी अपील सुनी है, बल्कि लाखों युवा भारतीयों की उम्मीदों को भी समझा है। ऐसे आश्वासन के अभाव में, मैं अनिश्चित काल तक अपना अनशन जारी रखने के लिए मजबूर हो जाऊंगा। मुझे यह भी उम्मीद है कि आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस द्वारा और अधिक बल प्रयोग नहीं किया जाएगा।

हमारे लोकतंत्र का भविष्य इस बात पर निर्भर नहीं करता कि वह उनसे कैसा व्यवहार करता है जो उससे सहमत हैं, बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि वह अपने युवा नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है जब वे साहस, उम्मीद और पक्के इरादे के साथ बोलने की हिम्मत करते हैं।

Updated on:
22 Jul 2026 08:59 pm
Published on:
22 Jul 2026 08:47 pm