राष्ट्रीय

Petrol-Diesel prices Slashed: श्रीलंका में 20 रुपए सस्ता हुआ पेट्रोल, भारत में नायरा एनर्जी ने बढ़ाया इंडियन ऑयल, HPCL, BPCL पर प्रेशर

Petrol-Diesel Price in India: भारत में नायरा एनर्जी ने पेट्रोल 5 रुपए और डीजल 3 रुपए प्रति लीटर घटाकर सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड पर दबाव बढ़ा दिया है।
2 min read
Jul 01, 2026
Petrol-Diesel update news
फोटो- IANS

Petrol-Diesel New Rate: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बनी सहमति का असर दुनिया भर में देखने को मिल रहा है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटने के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे महीने गिरावट देखने को मिली है। ऐसे में पड़ोसी देश श्रीलंका ने चार महीनों में पहली बार जहां ईंधन की कीमतों को घटाया है, वहीं भारत में नायरा एनर्जी ने भी पेट्रोल डीजल की कीमतों को कम किया है।

श्रीलंका में पेट्रोल 20 रुपए और डीजल 25 रुपए सस्ता

वैश्विक स्तर पर क्रूड आयल की कीमतों की गिरावट के चलते श्रीलंका ने चार महीनों में पहली बार ईंधन के दाम घटे हैं। श्रीलंका में जहां डीजल 25 रुपए सस्ता हुआ है, वहीं पेट्रोल के दाम 20 रुपए प्रति लीटर घटे हैं। ऐसे में श्रीलंका में डीजल 382 रुपए प्रति लीटर जबकि पेट्रोल 414 रुपए प्रति लीटर में उपलब्ध हैं।

भारत की नायरा एनर्जी ने भी घटाए दाम

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत जुलाई के पहले दिन मिली है। दरअसल, नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपए जबकि डीजल के दाम में 3 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है। हालांकि ये कटौती नायरा एनर्जी ने की है। सरकारी फ्यूल रिटेलर्स ने अपनी कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं घटाए हैं।

क्या भारत में और घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें हाल के उच्च स्तर करीब 126 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 73-74 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं। इसकी वजह पश्चिम एशिया में तनाव कम होना और आपूर्ति संबंधी चिंताओं का घटना है। इसके बाद भारत की निजी कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल डीजल सस्ता कर दिया है। हालांकि, सरकारी तेल कंपनिया इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने अभी तक कीमतों में कटौती नहीं की है।

इसकी बड़ी वजह यह है कि खुदरा ईंधन कीमतों में केवल क्रूड ऑयल ही नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य कर, रिफाइनिंग लागत, परिवहन और मार्केटिंग मार्जिन भी शामिल होते हैं। यदि कच्चा तेल कुछ सप्ताह तक 70–75 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में बना रहता है, तो सरकारी तेल कंपनियां भी पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने पर विचार कर सकती हैं। फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

Updated on:
01 Jul 2026 10:20 am
Published on:
01 Jul 2026 10:14 am