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100 नहीं अब 125 दिन मिलेगा काम, वीबी-जी राम जी कानून लागू; जानें किस राज्य में कितनी मिलेगी मजदूरी

Labors work wage rates: केंद्र सरकार ने मजदूरी के दिन और मजदूरी बढ़ा कर नया कानून लागू कर दिया है। इस नये कानून से मजदूरों की हालत बेहतर करने में मदद मिलेगी।
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भारत

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MI Zahir

Jul 01, 2026

Labors VB G RamJi Act News

मजदूरी करते हुए मजदूर। ( फाइल फोटो : पत्रिका)

Labors VB G RamJi Act Implemented: देश भर के मजदूरों के लिए एक खुशखबरी है। अब उन्हें न केवल 100 के बजाय 125 दिन काम मिलेगा, बल्कि उनकी न्यूनतम मजदूरी भी बढ़ा दी गई है। न्यूनतम मजदूरी दर 300 से 450 रुपये तक कर दी गई है। केंद्र सरकार मनरेगा के स्थान पर अब विकसित भारत जी राम जी अधिनियम लाई है, जो एक जुलाई से लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने देशभर में मजदूरों के वेतन में औसतन 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की है। ग्रामीण श्रमिकों के लिए संशोधित वीबी-जी राम जी वेतन संरचना राष्ट्रीय औसत दैनिक मजदूरी को बढ़ा कर 327.4 रुपये किया गया है।

किसी भी मजदूर को रोज 300 रुपये से कम नहीं मिलेंगे

केंद्र सरकार की इस संशोधित वेतन दर के तहत प्रतिदिन 300 रुपये का अंतरिम आधार वेतन लागू किया गया है, जिससे यह तय होगा कि कार्यक्रम के अंतर्गत किसी भी मजदूर को रोज 300 रुपये से कम न मिले। सरकार ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य ग्रामीण आय बढ़ाना, राज्यों के बीच वेतन असमानता कम करना और आजीविका सुरक्षा मजबूत करना है।

अब राष्ट्रीय औसत मजदूरी बढ़ गई

सरकार के अनुसार, सभी 34 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मजदूरी क्षेत्रों में मजदूरी दरों में वृद्धि की गई है, जिससे राष्ट्रीय औसत मजदूरी एमजीएनआरईजीए के तहत 298.8 रुपये प्रति दिन से बढ़कर वीबी-जी आरएएम जी के तहत 327.4 रुपये प्रति दिन हो गई है - यानि 28.6 रुपये प्रति दिन की वृद्धि हुई है।

संशोधन से पहले न्यूनतम मजदूरी 241 रुपये प्रति दिन थी

पहले जिन 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों में पहले मजदूरी 300 रुपये से कम थी , उन्हें अब नए मानक के अनुरूप कर दिया गया है। संशोधन से पहले, ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के तहत अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी 241 रुपये प्रति दिन थी।

देश के राज्यों के लिए नई वेतन दरें ये रहेंगी

सरकार के नये कानून के तहत गुजरात, मणिपुर, मिजोरम, राजस्थान, ओडिशा, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, त्रिपुरा, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश (गैर-अनुसूचित क्षेत्र), अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड सहित 21 राज्यों के लिए मजदूरी दर 300 रुपये तय की गई है।

अन्य राज्यों में ये रहेंगी मजदूरी की दरें

इस कानून के मुताबिक तेलंगाना के लिए 308 रुपये, आंध्र प्रदेश के लिए 312 रुपये, महाराष्ट्र के लिए 317 रुपये, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव के लिए 340 रुपये, तमिलनाडु के लिए 345 रुपये, पुडुचेरी के लिए 347 रुपये, अंडमान और निकोबार (अंडमान जिला) व लक्षद्वीप के लिए 348 रुपये, पंजाब के लिए 360 रुपये, अंडमान और निकोबार (निकोबार जिला) के लिए 367 रुपये, हिमाचल प्रदेश (अनुसूचित क्षेत्र) के लिए 375 रुपये, कर्नाटक के लिए 382 ​​रुपये, केरल के लिए 401 रुपये और गोवा के लिए 406 रुपये। सिक्किम की तीन ग्राम पंचायतें - ग्नाथंग, लाचुंग और लाचेन - 450 रुपये की निश्चित मजदूरी दर का भुगतान करेंगी।

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