राष्ट्रीय

मां बनी अपने नवजात बच्चे की कातिल: प्लास्टिक की थैली में डालकर फेंका, आवारा कुत्तों ने नोच डाला

Gujarat के Surat में 43 साल महिला ने समाज और बदनामी के डर से नवजात बच्चे को प्लास्टिक में लपेटकर कचरे में फेंक दिया। Police जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
2 min read
• •
Updated: 2 Jun 2026, 3:51 PM IST
pregnant
मां ने बच्चे को कचरे में फेंक दिया। (X-Photo)

Mother Throws Newborn Baby in Garbage: गुजरात के सूरत में एक शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक 43 साल की मां ने समाज में बदनामी के डर से अपने ही नवजात बच्चे को प्लास्टिक की थैली में बंद कर आधी रात को कचरे के ढेर में फेंक दिया। यह दिल दहला देने वाली घटना सूरत के चौक बाजार थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने जब मामले की जांच की तो पता चला कि महिला पहले से ही दो जवान बच्चों की मां है। इस उम्र में दोबारा प्रेग्नेंट होने पर महिला को समाज का खौफ सताने लगा था और इसी डर ने एक मासूम बच्चे की जान ले ली।

बदनामी का ऐसा डर कि मां ही बन गई कातिल

चौक बाजार थाना पुलिस ने जब शक के आधार पर 43 साल कि हेमलताबेन विरेंद्रसिंह बारिया को हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। महिला घरों में काम करती है। पूछताछ में उसने जो बातें बताईं, वो हैरान करने वाली हैं। पुलिस ने बताया कि 'महिला ने कबूल किया कि उसके पहले से ही दो बच्चे हैं।'

इस उम्र में वह तीसरी बार गर्भवती हो गई थी। समाज क्या कहेगा, लोग क्या सोचेंगे, इसी लोक-लाज और बदनामी के डर से वह इस सच्चाई को सबसे छुपाना चाहती थी। जब घर में कोई नहीं था, तब उसने प्री-मैच्योर बच्चे को जन्म दिया और फिर उसे प्लास्टिक बैग में पैक करके चुपचाप कचरे के ढेर में फेंक आई।

आखिर क्यों दो बच्चों की मां बनी कातिल

इस पूरी घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की कानूनी कार्रवाई को लेकर पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट रुख है। इस पूरे मामले में चौकबाजार पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 94 और 91 के तहत अपराध दर्ज किया है। और आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत उसे गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि 'पकड़ी गई महिला का नाम हेमलताबेन विरेंद्रसिंह बारिया है जिसकी उम्र 43 साल है और वह घरेलू काम काम करती है।' अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस खौफनाक कदम को उठाने में परिवार के किसी अन्य सदस्य की भी मिलीभगत थी या महिला ने अकेले ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। लेकिन इस घटना ने यह बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि आखिर समाज के डर का वो कैसा खौफ था, जिसने एक मां को अपनी ही संतान की जान का दुश्मन बना दिया।

आधी रात का वो खौफनाक फुटेज और आवारा कुत्ते

मामले का खुलासा तब हुआ जब कतारगाम अवधूतनगर सोसाइटी में सीताराम फ्लोर मिल के सामने सड़क पर एक फटी हुई प्लास्टिक की थैली में एक दिन का नवजात बच्चा लावारिस और मृत हालत में मिला। पुलिस ने जब इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर सामने आया।

सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि 25 मई की रात करीब 1:00 बजे एक महिला हाथ में काले रंग का प्लास्टिक बैग लेकर शांतिनगर सोसाइटी से अवधूतनगर की तरफ आ रही है। इसके बाद दूसरे फुटेज में कुछ आवारा कुत्ते उस कचरे के ढेर से थैली को खींचकर बीच सड़क पर लाते हुए दिखाई देते हैं। अगर कुत्ते उस बैग को खींचकर बाहर न लाते, तो शायद यह सच कभी दुनिया के सामने आ ही नहीं पाता।

Updated on:
2 Jun 2026, 3:51 PM IST
Published on:
Also Read
View All
बुजुर्ग तीर्थ यात्रियों की जान से खिलवाड़? पंजाब की AC स्लीपर बसों पर NHRC सख्त, सुरक्षा खामियों पर मांगी रिपोर्ट

कांग्रेस से रैली टालने की अपील, व्यापारियों ने कहा- त्योहारी सीजन में हो सकता है 10 हजार करोड़ का नुकसान

‘एक जंतर-मंतर बंद किया तो हजारों खड़े होंगे’, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर पिनाराई विजयन की हुंकार

रैपिडो चलाता था, बेचता था इत्र! मुंबई में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा संदिग्ध गिरफ्तार, फोन से मिले मसूद अजहर के ऑडियो

Patrika Explain: चीनी आक्रमकता को लेकर क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट? पहले डोकलाम, फिर गलवान और अब अरुणाचल में तनाव