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संदिग्ध वस्तु मिलने के बाद जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन से भागने लगा यात्री, 3 माह पहले मंडी हाउस स्टेशन पर पकड़ा गया था कट्टा

दिल्ली मेट्रो के जामा मस्जिद स्टेशन पर तैनात सीआईएसएफ कर्मियों ने सोमवार को एक संदिग्ध यात्री को पकड़ा है। यात्री को उस वक्त पकड़ा गया, जब सुरक्षा जांच के दौरान एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (XBIS) की स्क्रीन पर एक संदिग्ध और सघन वस्तु दिखाई नजर आई।
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Oct 19, 2026
Metro Passengers Advisory
दिल्ली मेट्रो। (फोटो- ANI)

दिल्ली मेट्रो के जामा मस्जिद स्टेशन पर तैनात सीआईएसएफ कर्मियों ने सोमवार को एक संदिग्ध यात्री को पकड़ा है। यात्री को उस वक्त पकड़ा गया, जब सुरक्षा जांच के दौरान एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (XBIS) की स्क्रीन पर एक संदिग्ध और सघन वस्तु दिखाई दी।

संदिग्ध वस्तु मशीन में दिखते ही यात्री वहां से भागने लगा। जिसके बाद सीआईएसएफ कर्मी ने दौड़कर उसे पकड़ लिया। खबर है कि बाद की तलाशी में, कर्मियों को यात्री के अंडरगारमेंट की सिलाई के अंदर छिपाकर रखा गया एक अज्ञात अर्ध-ठोस पदार्थ मिला।

खुद को बताया एनआरआई

यात्री ने खुद को एनआरआई बताया है। उसके मुताबिक, वह कुआलालंपुर में रहता है। अब उसे आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के लिए उसके सामान सहित पुलिस को सौंप दिया गया है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पदार्थ क्या है, उसे कहां से लाया गया था और उसे छिपाकर ले जाने के पीछे क्या वजह थी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की असली तस्वीर साफ हो सकेगी।

तीन माह पहले मेट्रो स्टेशन पर पकड़ा गया था कट्टा

इससे पहले जुलाई में, नई दिल्ली के मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर स्कैनिंग के दौरान एक बैग से एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ था। इस मामले में सीआईएसएफ ने दो लोगों को पकड़ा था।

जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई, उनमें बरेली के रहने वाले राजवीर और गौरव शामिल थे। उनके ही एक बैग से ये खतरनाक चीजें मिलीं। अधिकारियों ने बताया कि उस दिन सुबह करीब 10:11 बजे मेट्रो स्टेशन पर एक्स-रे स्क्रीनिंग के दौरान कुछ संदिग्ध चीजें दिखीं।

1 नवंबर से CISF की सुरक्षा व्यवस्था में भी होगा बदलाव

इस घटना के बीच सीआईएसएफ ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक फैसला भी लिया है। सीआईएसएफ 1 नवंबर 2026 से अपने प्रशासनिक और संचालन ढांचे में बदलाव करने जा रहा है। इस योजना को केंद्रीय गृह मंत्रालय की सहमति मिल चुकी है।

नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों के हिसाब से सुरक्षा निगरानी और प्रबंधन को व्यवस्थित किया जाएगा। इसमें बिजली, कोयला, इस्पात, तेल और गैस, बंदरगाह, मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं, सरकारी इमारतें, संग्रहालय और ऐतिहासिक स्मारक शामिल हैं।

Updated on:
19 Oct 2026 07:45 pm
Published on:
19 Oct 2026 07:18 pm