अन्नाद्रमुक के लिए अपने मजबूत गढ़ कोंगू को बचाना इस बार बड़ी चुनौती होता जा रहा है। द्रमुक उम्मीदवार वी. सेंथिल बालाजी ने इस सीट पर मुकाबला रोचक और कांटे की टक्कर का बना दिया है।
Tamil Nadu Election: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बीच कोयम्बटूर दक्षिण सीट पर सियासी हलचल तेज हो गई है। यह क्षेत्र लंबे समय से अन्नाद्रमुक का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। इस बार द्रमुक ने यहां मुकाबले को दिलचस्प बनाने के लिए बड़ा दांव खेला है। द्रमुक उम्मीदवार वी. सेंथिल बालाजी सुबह 7 बजे से ही समर्थकों के साथ पैदल चुनाव प्रचार करते नजर आ रहे हैं, जो चर्चा का विषय बन गया है।
कोयम्बटूर के देवंगा पेट रोड से शुरू हुआ सेंथिल बालाजी का प्रचार अभियान पूरी तरह सादगी पर आधारित है। वे बिना किसी वाहन के समर्थकों के साथ पैदल चलकर घर-घर पहुंच रहे हैं और मतदाताओं से सीधे संवाद कर रहे हैं। उनका यह अंदाज लोगों को आकर्षित कर रहा है और वे तेजी से जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
तमिलनाडु के पश्चिमी हिस्से यानी कोंगू बेल्ट में इस बार मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अन्नाद्रमुक के मजबूत गढ़ को चुनौती देने के लिए सेंथिल बालाजी को मैदान में उतारा है। पिछले चुनाव में अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने इस क्षेत्र की 57 में से 41 सीटें जीती थीं, जबकि कोयम्बटूर की सभी 10 सीटें उनके खाते में गई थीं। गौंडर समुदाय के प्रभाव के कारण यहां अन्नाद्रमुक की पकड़ मजबूत मानी जाती है।
इस चुनाव में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम ने भी सियासी समीकरण को थोड़ा जटिल बना दिया है। हालांकि कोंगू क्षेत्र में अभी भी मुख्य मुकाबला द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बीच ही माना जा रहा है। विजय की पार्टी को इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाने के लिए अभी काफी मेहनत करनी होगी।
कोयम्बटूर की तेज गर्मी ने चुनाव प्रचार को और कठिन बना दिया है। ज्यादातर प्रचार अभियान सुबह और शाम के समय ही हो रहे हैं। उम्मीदवार और उनके समर्थक 4 से 5 घंटे तक पैदल चलकर प्रचार कर रहे हैं। चिलचिलाती धूप के कारण बड़ी जनसभाएं कम हो रही हैं और घर-घर संपर्क पर अधिक जोर दिया जा रहा है।