Crime News: बॉस के व्यवहार से दुखी होकर नौकरी छोड़ने पर मजबूर हुए दो कर्मचारियों ने ऐसा बदला लिया, जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता है।
गुजरात में खड़ूस बॉस से परेशान होकर नौकरी छोड़ने पर मजबूर हुए दो कर्मचारियों ने बॉस से ऐसा बदला लेंगे ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था। दरअसल, बॉस के व्यवहार से दुखी होकर कर्मचारियों (एक पुरुष एक महिला) ने अपनी नौकरी छोड़ दी इसके बाद सॉफ्टवेयर कंपनी के प्रमोटर (बॉस) को सबक सिखाने के लिए दोनों कर्मचारियों ने हाथ मिलाया। इसके बाद उन्होंने बॉस को हनीट्रैप में फंसाकर तीन महीने तक उसकी नींद उड़ा दी। न्यूड तस्वीरें ऑफिस और उसकी पत्नी समेत कई लोगों को भेज दीं। दुखी होकर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की तो पूरा मामला सामने आया है।
प्लान करके हनीट्रैप में फंसाया
नौकरी छोड़ने के बाद दोनों कर्मचारियों ने इंस्टाग्राम पर एक फेक फीमेल अकाउंट बनाया। इससे बॉस को फ्रेंड बनाया और चैटिंग की शुरुआत की। लड़की बनकर दोनों उससे बात करते रहे। धीरे-धीरे बॉस से दोस्ती बढ़ाई और फिर उससे अश्लील बातचीत शुरू कर दी। पहले महिला ने कुछ न्यूड तस्वीरें पॉर्न वेबसाइट से डाउनलोड करके अपने एक्स बॉस को भेज दीं। फिर बॉस से भी अपनी न्यूड तस्वीरें दिखाने को कहा। महिला के ऐसा कहने पर बॉस ने अपनी कुछ न्यूड तस्वीरें भेज दी। इसके बाद उस अकाउंट से बातचीत बंद हो गई।
ऑफिस और घर पर भेज दी बॉस की नंगी तस्वीरें
अकाउंट से बातचीत बंद होने के कुछ दिनों बाद पूजा और समीर ने अपने एक्स बॉस की नंगी तस्वीरें और सेक्स चैट के स्क्रीनशॉट उसे को ईमेल किया। यह देखकर बॉस पैनिक होने के साथ ही डिप्रेशन में चला गया। सितंबर में दोनों ने तस्वीरें और सेक्स चैट का प्रिंट लेकर बॉस के दफ्तर में एचआर डिपार्टमेंट को भेज दिया। वे यहीं नहीं रुके और तस्वीरें सुनील की पत्नी और उसके ऑफिस में भी भेज दीं। बॉस उस वक्त और परेशान हो गए जब नवंबर में मॉल में घूमते हुए उनकी तस्वीरें मेल पर भेजकर अहसास दिलाया कि उन पर नजर रखी जा रही है।
साइबर क्राइम में शिकायत की तो खुला मामला
रोज-रोज की प्रताड़ना से परेशान होकर बॉस ने एक दिन साइबर क्राइम डिपार्टमेंट में शिकायत की। पुलिस ने आईपी एड्रेस की मदद से दोनों का पता लगा लिया। इसके बाद सीपी (साइबर क्राइम) हार्दिक मकाडिया के आदेश पर दोनों को सीआरपीसी की धारा 41 (ए) के तहत लीगल नोटिस भेजा गया। इस धारा के मुताबिक गिरफ्तारी से पहले नोटिस दिया जाता है। हालांकि, शिकायतकर्ता केस को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। इसलिए दोनों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।