
ममता बनर्जी (Photo-IANS)
Nisith Pramanik on Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की भारी जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने के फैसले पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने ममता पर सत्ता की लिप्सा, लोकतंत्र का अपमान और बंगाल को दिवालिया करने का आरोप लगाया।
भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री निशिथ प्रमाणिक ने कहा कि ममता दीदी सत्ता की भूखी हैं। जितना सोचता हूं, उतना दुख होता है। पिछले 15 सालों में उन्होंने बंगाल को दिवालिया कर दिया। लोग कह रहे हैं- ‘दीदी यहां से चली जाओ’, लेकिन वे जाने को तैयार नहीं हैं। प्रमाणिक ने कहा कि जनता ममता से इस्तीफा चाहती है, लेकिन वे जनादेश स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने पटना में कहा कि ममता बनर्जी हार गई हैं और उन्हें विनम्रता से हार स्वीकार करनी चाहिए। अब वे इस्तीफा नहीं देने की बात कर रही हैं। इसका क्या मतलब है? आप देश के लोकतंत्र को कितना कमजोर करना चाहती हैं? राष्ट्र आपको कभी माफ नहीं करेगा।
प्रसाद ने संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 8 मई को समाप्त हो रहा है, जिसे एक दिन के लिए भी बढ़ाया नहीं जा सकता।
भाजपा राष्ट्रीय महासचिव तरुण चूघ ने ममता पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग और ईवीएम उन्हें जिताते हैं तो ठीक, लेकिन हारने पर गलत? यह अहंकार है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता ने संविधान का कभी सम्मान नहीं किया। संभित पात्रा ने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अभूतपूर्व बताया।
2026 के पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जबकि टीएमसी मात्र 80 सीटों पर सिमट गई। यह भाजपा के लिए राज्य में पहली सरकार बनाने का मौका है। ममता बनर्जी ने मंगलवार को चुनाव आयोग और भाजपा पर लोकतंत्र लूटने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। हमने चुनाव नहीं हारा। आधिकारिक रूप से हार सकते हैं, लेकिन नैतिक रूप से हम जीते हैं।
Published on:
06 May 2026 10:02 pm
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