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राजकोट के स्कूल में अनोखी पहल, हर घंटे बजती है ‘पानी पीने की घंटी’, जानिये इसके पीछे का कारण

राजकोट के पीएम श्री विनोबा भावे पे सेंटर स्कूल नंबर 93 में बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए ‘ड्रिंकिंग वॉटर बेल प्रोजेक्ट’ शुरू किया गया है। हर घंटे बजने वाली खास घंटी बच्चों और शिक्षकों को पानी पीने की याद दिलाती है, जिससे डिहाइड्रेशन और लू से बचाव हो सके।

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Mar 15, 2026
Rajkot School Drinking Water Bell(AI Image-ChatGpt)

Rajkot School Drinking Water Bell: गुजरात के राजकोट शहर के पीएम श्री विनोबा भावे पे सेंटर स्कूल नंबर 93 में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक अनोखी पहल शुरू की गई है। यहां बच्चों को नियमित रूप से पानी पीने की याद दिलाने के लिए अलग तरह की घंटी बजाई जाती है। इस पहल को ‘ड्रिंकिंग वॉटर बेल प्रोजेक्ट’ नाम दिया गया है।

घंटी हर एक घंटे में बजाई जाती है


जैसे ही यह खास घंटी बजती है, बच्चे अपनी सीट पर बैठे-बैठे ही अपनी पानी की बोतल उठाकर पानी पीते हैं। यह घंटी हर एक घंटे में बजाई जाती है, जबकि कक्षा बदलने की सामान्य घंटी 45 मिनट में बजती है। स्कूल में बच्चे लगभग पांच घंटे तक रहते हैं और इस दौरान वे कम से कम पांच बार पानी पी लेते हैं। इस पहल में केवल बच्चे ही नहीं बल्कि शिक्षक भी उनके साथ पानी पीते हैं, जिससे बच्चों को अच्छी आदत विकसित करने के लिए प्रेरणा मिलती है।

ड्रिंकिंग वॉटर बेल प्रोजेक्ट है नाम


स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. वनिता राठौड़ ने बताया कि गुजरात में मार्च महीने से ही गर्मी का असर तेज होने लगता है। अप्रैल और मई में तापमान और ज्यादा बढ़ जाता है। राजकोट शहर में इन दिनों तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। ऐसी भीषण गर्मी में बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए उन्हें डिहाइड्रेशन और लू से बचाने के लिए यह पहल शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि ‘ड्रिंकिंग वॉटर बेल प्रोजेक्ट’ के तहत एक इलेक्ट्रिक घंटी का उपयोग किया जाता है, जिसकी आवाज सामान्य स्कूल बेल से अलग होती है। इससे बच्चों को तुरंत समझ आ जाता है कि यह पानी पीने की घंटी है। यह व्यवस्था खासतौर पर फरवरी से मई तक लागू की जाती है, जब गर्मी का असर ज्यादा रहता है।

Published on:
15 Mar 2026 06:20 am
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