अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन बाधाओं के बीच भारत सरकार ने खरीफ सीजन से पहले उर्वरकों का बड़ा भंडार तैयार किया है। देश में 62 लाख टन यूरिया, 25 लाख टन डीएपी और 56 लाख टन एनपीके का स्टॉक उपलब्ध है, जिससे किसानों को खाद की कमी नहीं होगी।
Urea and DAP Stock In India: अमरीका-ईरान संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद होने और सप्लाई चेन में अन्य रुकावटों को ध्यान में रखते हुए खरीफ की फसल के लिए यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसे उर्वरकों का भंडारण पर्याप्त मात्रा में कर लिया गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश में खाद का संकट न हो, इसके लिये फरवरी मध्य से ही 13.5 लाख टन यूरिया के आर्डर दे दिए गए थे। अभी देश में 62 लाख टन यूरिया के भंडार है, जो बीते साल के मुकाबले दस लाख टन ज्यादा है।
जानकारी के मुताबिक 13 मार्च तक देश में डाय अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) का स्टॉक लगभग 25 लाख टन है, जो पिछले साल के स्तर से लगभग दोगुना है। वहीं एनपीके उर्वरक का भंडार 56 लाख टन पर पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। पिछले साल यह करीब 31 लाख टन था।
रबी सीजन अब समाप्ति की ओर है और अप्रेल में खाद की मांग कम रहती है। खरीफ सीजन के लिए मांग मई से बढऩी शुरू होती है। सामान्यतया देश में हर महीने लगभग 25 लाख टन यूरिया का उत्पादन होता है। मार्च में लगभग 17 लाख टन उत्पादन होने का अनुमान है।वैश्विक हालात के मद्देनजर खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने यूरिया आयात की प्रक्रिया भी पहले ही शुरू कर दी थी। फरवरी के मध्य में जारी वैश्विक टेंडर की लगभग 90 प्रतिशत खेप इसी माह के अंत तक भारत पहुंचने की उम्मीद है।