नवरात्र के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। कटरा से दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या जैसे ही 40 हजार के पार पहुंची, प्रशासन ने यह फैसला लिया।
Vaishno Devi Yatra: चैत्र नवरात्र शुरू होते ही माता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। हालात ऐसे बन गए कि शनिवार को प्रशासन को कुछ समय के लिए यात्रा रोकने का फैसला लेना पड़ा। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि भवन क्षेत्र में जगह संभालना मुश्किल हो गया। जानकारी के मुताबिक, शाम करीब चार बजे तक करीब 39 हजार श्रद्धालु गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके थे। इसके बाद भी हजारों लोग रास्ते में थे और लगातार कटरा पहुंच रहे थे। ऐसे में सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही भीड़ ज्यादा बढ़ी, पुलिस की गाड़ियों के जरिए लाउडस्पीकर से घोषणा कर यात्रा रोकने की जानकारी दी गई। अब नए सिरे से रजिस्ट्रेशन रविवार सुबह 4 बजे से शुरू किया जाएगा, ताकि व्यवस्था फिर से संतुलित की जा सके। कटरा से लेकर भवन तक पूरे रास्ते पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। “जय माता दी” के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया था। नवरात्र का तीसरा दिन होने की वजह से उत्साह और भी ज्यादा नजर आया। इसी बीच प्रशासन ने सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए हैं। जगह-जगह चेकिंग, पुलिस तैनाती और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
नवरात्र के मौके पर मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन हो रहा है। चैत्र नवरात्र 2026 की शुरुआत के साथ ही पवित्र शत चंडी महायज्ञ भी शुरू किया गया है। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों की गूंज से एक अलग ही आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है। इसे देखते हुए श्राइन बोर्ड ने सुविधाओं को बेहतर बनाने और यात्रा को आसान बनाने के लिए खास इंतजाम किए हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नवरात्र के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। कटरा से दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या जैसे ही 40 हजार के पार पहुंची, प्रशासन ने यह फैसला लिया।श्राइन बोर्ड ने साफ किया है कि यह कदम पूरी तरह से यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। साथ ही यह भी बताया गया कि यात्रा दोबारा रविवार सुबह करीब 4 बजे से शुरू कर दी जाएगी, जिससे श्रद्धालु फिर से दर्शन कर सकेंगे।