पिछले 6 महीनों में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन 68 बार हादसे का शिकार हुई है। इसके बारे में खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी दी है। इसके अलावा रेल मंत्री ने ट्रेन की अधिकतम क्षमता और दूरी के बारे में जानकारी दी।
भारतीय रेलवे की प्रमुख ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस अभी देश के 6 मार्गों पर चल रही है, लेकिन यह ट्रेन अपने खासियत और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की बजाय हादसों के लिए चर्चा में रही है। यह ट्रेन पिछले 6 महीनों में 1, 2 या 3 बार नहीं बल्कि 68 बार हादसों का शिकार हो चुकी है। इसमें 68 बार जानवर ट्रेन की चपेट में आए हैं और 1 बार एक्सल लॉक होने का मामला सामने आया है। यह जानकारी खुद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी, जिसमें वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से जानवरों के मारे जाने की घटनाओं की संख्या के बारे में पूछा गया था।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस की कोच की संरचना उच्च श्रेणी के स्टील से बनी हुई है। हालांकि आगे का नोज पैनेल प्लास्टिक से बना हुआ है, जो ट्रेन को तेजी से रफ्तार पकड़ने में मदद करता है। यह नोज किसी भी टक्कर में ट्रेन की क्षति को कम कर देता है।
52 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर की रफ्तार पकड़ सकती है वंदे भारत एक्सप्रेस
एक दूसरे सवाल का जवाब देते हुए में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वर्तमान में वंदे भारत ट्रेनें 500 से 550 किलोमीटर की अधिकतम दूरी का सफर तय कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वंदे भारत 2.0 अधिक उन्नत और बेहतर सुविधाओं से लैस है। जो केवल 52 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है और अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। इसके साथ ही वैष्णव ने बताया कि पिछले संस्करण में ट्रेन की वजन 430 टन थी, जो उन्नत वंदे भारत एक्सप्रेस में कम होकर 382 टन है।
वंदे भारत एक्सप्रेस के निर्माण के लिए सप्लायर्स ने दिया घटिया सामान?
रेल मंत्री से सवाल किया गया कि क्या जांच की गई है कि ट्रेन की बोगी बनाने के लिए सप्लायर्स ने घटिया सामान तो नहीं दिया? जिसका जवाब देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सामान की सप्लाई नियमों के तहत हुई है। यदि क्वालिटी में कोई कमी पाई जाती है तो कॉन्ट्रैक्ट के नियमों के तहत ऐक्शन होता है।
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