
Vande Mataram political controversy: तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन रामचंदर राव ने रविवार को कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी देश के कानून का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वंदे मातरम के पूरे गाने का विरोध कर राष्ट्रीय सम्मान का अपमान कर रही है।
राव ने साफ कहा कि संसद ने पूरे देश के लिए वंदे मातरम के सभी छः छंद गाने का फैसला लिया है। यह कानून बन चुका है। फिर भी कांग्रेस इसका विरोध कर रही है।
उन्होंने याद दिलाया कि जम्मू-कश्मीर में भी जब सरकार वंदे मातरम बजाती है तो कांग्रेस आपत्ति जताती है। राव के मुताबिक, यह राष्ट्रीय गीत आजादी की लड़ाई का प्रतीक रहा है। इसका अपमान देश का अपमान है।
इसी मुद्दे पर कर्नाटक बीजेपी विधायक सीएन अश्वथ नारायण ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करती है। संसद का फैसला हर राज्य सरकार पर लागू होता है। कर्नाटक सरकार को भी पूरे छः छंद गाने चाहिए। सिर्फ दो छंद गाना सही नहीं है।
इस बीच, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 8 सितंबर को कहा था कि वंदे मातरम का पूरा वर्जन देश की मिली-जुली संस्कृति से मेल नहीं खाता।
उन्होंने पार्टी और सहयोगियों से 1937 में अपनाए गए सिर्फ पहले दो छंदों का ही इस्तेमाल करने की बात कही थी। उस समय गांधी, नेहरू, पटेल, सुभाष चंद्र बोस और अन्य नेताओं ने यही फैसला लिया था।
इस विवाद के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने साफ किया कि उनकी पार्टी ने कभी वंदे मातरम नहीं अपनाया और आगे भी नहीं अपनाएगी। लेकिन कानून का पालन करना जरूरी है। सरकारी कार्यक्रमों में पूरे गाने को बजाना होगा। अगर कोई नहीं मानेगा तो कार्रवाई होगी। श्रीनगर में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उद्घाटन पर उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला पूरे गाने के दौरान खड़े रहे।
इस बीच, बीजेपी प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने भी कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा- पार्टी हमेशा वंदे मातरम के खिलाफ रही है और कुछ छंद काटने का काम भी उसी ने किया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पहले कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगा चुके हैं।