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किसानों की जिंदगी बदल सकती है मोदी की ये पहल! BRICS में AI से लेकर डिजिटल खेती तक बड़ा फैसला

PM Modi BRICS Summit: BRICS के एजेंडे में इस बार तकनीक को सीधे जमीन से जोड़ने की कोशिश दिखाई दी। किसानों के लिए डिजिटल समाधान से लेकर वैश्विक आपूर्ति शृंखला की मजबूती तक, भारत ने सहयोग का नया खाका सामने रखा है।
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भारत

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Manoj Vashisth

Sep 13, 2026

PM Modi BRICS Summit

PM Modi BRICS Summit : BRICS Summit में मोदी का बड़ा ऐलान! अब किसानों से लेकर महामारी तक ऐसे बदलेगा ‘गेम’ (फोटो सोर्स: ANI)

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में चल रहे BRICS शिखर सम्मेलन में भारत ने वैश्विक सहयोग का फोकस सिर्फ कूटनीति और व्यापार तक सीमित रखने के बजाय तकनीक, खेती, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन तक बढ़ाने की कोशिश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे कई प्रस्तावों और पहलों पर जोर दिया, जिनका असर आम लोगों और कारोबार दोनों पर पड़ सकता है। खास तौर पर कृषि में AI, स्टार्टअप फंड और महामारी से निपटने की साझा व्यवस्था चर्चा के केंद्र में रही।

BRICS Summit 2026: किसानों के लिए AI और जियोस्पेशियल तकनीक पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि BRICS Network on Digital Agriculture के जरिए कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तकनीकी समाधान विकसित करना है।

यानी मौसम, जमीन, फसल और संसाधनों से जुड़ी सूचनाओं को बेहतर ढंग से इस्तेमाल कर खेती को अधिक सटीक और लचीला बनाने की दिशा में काम होगा। भारत पहले से ही डिजिटल कृषि और डेटा आधारित खेती पर जोर दे रहा है।

BRICS Startup Innovation Fund: स्टार्टअप को मिलेगा BRICS का साझा मंच

मोदी ने BRICS Incubator Network का भी उल्लेख किया। इसके जरिए सदस्य देशों के स्टार्टअप और इनक्यूबेटर्स को आपस में जोड़ने की व्यवस्था विकसित होगी। इसके साथ प्रस्तावित BRICS Startup Innovation Fund शुरुआती और तेजी से बढ़ने वाले स्टार्टअप के लिए वित्तीय मदद का रास्ता खोल सकता है।

इस पहल का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि BRICS अब 11 सदस्य देशों का समूह है और दुनिया की आबादी तथा अर्थव्यवस्था में इसकी बड़ी हिस्सेदारी है। ऐसे में साझा बाजार और निवेश नेटवर्क उभरते उद्यमों के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं।

BRICS Disaster Management : महामारी और आपदा पर साझा अलर्ट सिस्टम

मोदी ने वैश्विक संकटों से निपटने के लिए BRICS Integrated Early Warning System पर बनी सहमति की जानकारी दी। यह व्यवस्था संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उनके फैलाव पर समय रहते प्रतिक्रिया देने में मदद कर सकती है। साथ ही Early Warning Data Integration Guidelines के जरिए आपदा प्रबंधन को अधिक समन्वित बनाने पर जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि महामारी, जलवायु आपदा और आपूर्ति शृंखला में रुकावट जैसे संकट अब किसी एक देश तक सीमित नहीं रहते। इसलिए BRICS देशों के बीच पहले से तैयारी और तेजी से कार्रवाई जरूरी है।

BRICS Early Warning System: तकनीक के इस्तेमाल पर चेतावनी भी

मोदी ने तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों के “Weaponization” को लेकर भी आगाह किया। उनका संदेश साफ था कि तकनीकी प्रगति का लाभ व्यापक और समावेशी होना चाहिए, न कि वह देशों के बीच नई असमानता या टकराव का कारण बने।

BRICS Logistics Supply Chain Cooperation Framework भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य वैश्विक व्यापार के लिए आपूर्ति शृंखलाओं को अधिक भरोसेमंद और टिकाऊ बनाना है।