राष्ट्रीय

पेट्रोल-डीजल बचाने की मुहिम तेज: CM-मंत्रियों के काफिले हुए छोटे, कई राज्यों में वर्क फ्रॉम होम की तैयारी

VIP Carcade Reduction India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद कई राज्यों में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिलों में कटौती शुरू हो गई है। वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की तैयारी तेज हो गई है।

2 min read
May 13, 2026
Fuel Saving Measures By State Governments (AI Image)

PM Modi Fuel Conservation Appeal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का असर अब राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। केंद्र सरकार के बाद कई राज्यों ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिलों में कटौती से लेकर वर्चुअल मीटिंग्स, वर्क फ्रॉम होम और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे फैसले लिए जा रहे हैं। गुजरात, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में सरकार स्तर पर ईंधन बचत को लेकर नई तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

ये भी पढ़ें

डॉलर भंडार पर बढ़ा दबाव: सरकार उठा सकती है कड़े कदम, सोना और इलेक्ट्रॉनिक्स के आयात पर लग सकता है अंकुश

केंद्र सरकार ने शुरू की सख्ती

नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की अनावश्यक यात्राओं को सीमित करने की तैयारी शुरू कर दी है। बड़े सरकारी कार्यक्रमों, भोज और सेमिनार को कम करने के साथ अब अधिकतर कॉन्फ्रेंस ऑनलाइन आयोजित करने पर जोर दिया जा रहा है। सभी मंत्रालयों को ईंधन खपत कम करने के लिए ठोस योजना बनाने को कहा गया है। गैर-जरूरी घरेलू और विदेशी यात्राओं पर अंकुश लगाने, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें करने और वर्क फ्रॉम होम व हाइब्रिड व्यवस्था अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

गुजरात में राज्यपाल और मंत्री ने दिखाई पहल

गुजरात में राज्यपाल देवव्रत ने साधारण बस और ट्रेन में सफर करने का फैसला लिया है। वहीं केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने पायलट और एस्कॉर्ट वाहनों का इस्तेमाल नहीं करने का निर्णय लिया है। गुजरात विश्वविद्यालय ने भी कर्मचारियों को कार-पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के निर्देश जारी किए हैं।

उत्तरप्रदेश में काफिलों पर कटौती

उत्तरप्रदेश सरकार ने उच्च स्तरीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अधिकारियों और नेताओं के काफिलों में 50 प्रतिशत तक कटौती करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' रखने, बड़े कार्यालयों और औद्योगिक संस्थानों में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने और 50 फीसदी बैठकों को वर्चुअल करने की तैयारी है। इसके साथ सार्वजनिक परिवहन और बिजली बचत को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।

महाराष्ट्र में यात्राओं पर नियंत्रण

महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों की हवाई यात्राओं पर सख्ती शुरू कर दी है। अब मुख्यमंत्री की अनुमति के बिना कोई मंत्री विमान का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। सरकार ने अनावश्यक यात्राएं रोकने और कलेक्टरों व कमिश्नरों को बिना जरूरत मुंबई न बुलाने के निर्देश दिए हैं। प्रोटोकॉल के नाम पर अधिकारियों को बेवजह यात्रा के लिए मजबूर नहीं करने की बात भी कही गई है। राज्य में ज्यादातर सरकारी बैठकें अब ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा कई जनप्रतिनिधियों ने अपने विदेशी दौरे भी रद्द कर दिए हैं। विधायकों ने जापान दौरा रद्द किया है, जबकि मंत्री आशीष शेलार ने फ्रांस में होने वाले कान्स फिल्म फेस्टिवल में जाने का कार्यक्रम टाल दिया है।

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी कदम

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी है। साथ ही भ्रमण के दौरान वाहन रैली नहीं निकालने और मंत्रियों को कम से कम वाहनों के इस्तेमाल के निर्देश दिए गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने कर्मचारियों को रायपुर से नवा रायपुर लाने-ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था की है, ताकि निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम किया जा सके।

निजी कंपनियां भी अलर्ट

ईंधन बचत को लेकर अब निजी कंपनियां भी सक्रिय होती दिखाई दे रही हैं। देशभर की कई कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है। आम लोग भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ती चिंता के बीच ईंधन बचाने को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।

ये भी पढ़ें

CBI डायरेक्टर के चयन पर घमासान: राहुल गांधी ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, प्रक्रिया को बताया पक्षपाती
Also Read
View All