Abdul Qader Haq: पश्चिम बंगाल में 2021 के चुनाव बाद हिंसा मामलों में नई कार्रवाई के तहत पुलिस ने TMC नेता अब्दुल कादर हक को गिरफ्तार किया।
TMC leader arrest: पश्चिम बंगाल पुलिस ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता अब्दुल कादिर हक को चुनाव के बाद हुई मारपीट और हिंसा के गंभीर आरोपों के चलते गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी के उस निर्देश के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने राज्य भर की पुलिस को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों को लागू करने और 2021 के चुनाव बाद की हिंसा से जुड़े सभी हत्या और मारपीट के मामलों में FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। इस कार्रवाई को राज्य में चल रही जांचों की नई कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में 2021 के चुनाव बाद की हिंसा के मामलों में नई कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों के अनुसार अब तक 458 नई जांचें शुरू की गई हैं, 181 नई FIR दर्ज की गई हैं और 59 ऐसे मामलों को फिर से खोल दिया गया है, जिनकी अंतिम रिपोर्ट पहले ही जमा की जा चुकी थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी ताकि किसी भी संभावित पीड़ित को न्याय मिल सके। इसके साथ ही अधिकारियों ने पीड़ितों और उनके परिवारों से आगे आने और शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया है, भले ही उनके पास तत्काल कोई ठोस सबूत न हो। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह भी बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कई तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं के खिलाफ जबरन वसूली, हिंसा और ज़मीन हड़पने से जुड़े आरोपों पर चल रही जांचों की एक श्रृंखला का हिस्सा है। ये सभी कार्रवाइयां उस समय तेज हुई हैं जब अधिकारी ने 9 मई को पदभार संभालने के बाद कानून-व्यवस्था को सख्त करने और पुराने मामलों की पुनः समीक्षा करने का निर्देश दिया था। राज्य पुलिस विभिन्न जिलों में दर्ज मामलों की गहन जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में चुनाव बाद हिंसा और मतगणना प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से सत्ता का दुरुपयोग हुआ। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘पर एक पोस्ट में उन्होंने हिंसा प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दावा किया कि इन घटनाओं के दौरान केंद्रीय बल मूक दर्शक” बने रहे। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में TMC के उम्मीदवारों और मतगणना एजेंटों को मतगणना केंद्रों से जबरन हटाया गया, जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई।