ABG Shipyard Fraud: भारत की बैंकिंग इतिहास में होने वाला सबसे बड़ा घोटाला का आरोप एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड कंपनी पर लगा है। सीबीआई ने इसपर अपनी करवाई शुरू करदी है। इस बैंकिंग फ्रॉड में करीब 23 हजार करोड़ रूपये का घोटाला बताया जा रहा है। आरोप है कि एबीजी शिपयार्ड ने 28 बैंकों को चुना लगा कर 2012 से 2017 के बीच के घोटाला किया है।
एबीजी शिपयार्ड घोटाला: एबीजी भारत की एक बड़ी निजी शिपयार्ड कंपनी है। एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड (ABG Shipyard Bank Fraud) पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बैंकों से धोखाधड़ी के मामले में कंपनी के निर्देशक व अन्य लोगो पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप है कि इस बैंकिंग फ्रॉड में करीब 28 बैंकों से 22,842 करोड़ रुपए का फ्रॉड किया गया है। इसे अब तक का सबसे बड़ा बैंक फ्रॉड कहा जा रहा है।
एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड एबीजी ग्रुप की प्रमुख कंपनी है जो जहाज निर्माण और जहाज की मरम्मत का काम करती है। शिपयार्ड गुजरात के दहेज और सूरत में स्थित है जबकि ये कंपनी मुंबई में स्थित है। कंपनी का प्रमोशन ऋषि अग्रवाल कर रहे हैं। एबीजी शिपयार्ड ने 16 सालों में 165 से अधिक जहाजों का निर्माण किया है।
- सबसे पहले जुलाई 2016 में एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड ने पहली बार लोन खाते पर नॉन परफोर्मिंग एसेट यानि एनपीए घोषित किया गया था।
- उसके बाद देश का सरकारी बैंक एसबीआई ने अपनी पहली शिकायत 8 नवंबर 2019 को दर्ज करवाई थी।
- जिसके बाद 2019 में एबीजी के लोन अकाउंट को फ्रॉड घोषित किया गया था।
- सीबीआई ने 12 मार्च, 2020 को एसबीआई की शिकायत पर कुछ स्पष्टीकरण मांगा। एसबीआई ने अगस्त 2020 में नई शिकायत दर्ज की।
- इसके बाद सीबीआई ने इस मामले में करीब डेढ़ साल से अधिक समय तक जांच की और फिर इसपर अन्य कानूनी कार्रवाई चालू की।
इसे अब तक का सबसे बड़ा बैंक फ्रॉड कहा जा रहा है। इसमें कथित पार्टियों ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और 27 अन्य बैंकों से 22,842 करोड़ रुपए से अधिक कर्ज लेकर धोखाधड़ी की है।
सीबीआई ने एबीजी के संबंध में कई अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। ये बैंक धोखाधड़ी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी से जुड़े पंजाब नेशनल बैंक घोटाले से भी बड़ा है। पीएनबी घोटाले में 14 हजार करोड़ की हेराफारी थी जबकि इसमें 22 हजार करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी का आरोप है।
भारतीय स्टेट बैंक की एक शिकायत के अनुसार, कंपनी पर बैंक का 2,925 करोड़ रुपए, ICICI बैंक का 7,089 करोड़ रुपए, IDBI बैंक का 3,634 करोड़ रुपए, बैंक ऑफ बड़ौदा का 1,614 करोड़ रुपए, PNB का 1,244 रुपए और 1,228 रुपए का बकाया है।
एसबीआई के अधिकारियों के मुताबिक एजेंसी ने अग्रवाल के अलावा तत्कालीन कार्यकारी निदेशक संथानम मुथास्वामी, निदेशक अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल नेवेतिया और एक अन्य कंपनी एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को भी आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के लिए नामित किया है।
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