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ABG Shipyard Scam: एबीजी शिपयार्ड के 22 हजार करोड़ के स्कैम पर अब SBI ने कही ये बात

ABG Scam: एबीजी में हुए करीब 22, 842 करोड़ रुपये के शिपयार्ड घोटाले में सीबीआई अब तक 8 लोगों पर FIR दर्ज कर चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक इस कंपनी ने करीब 28 बैंकों के समूह चूना लगाया है। ये बैंकिंग इतिहास के सबसे बड़े घोटाले पर अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी बात कही है।
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नई दिल्ली

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Arsh Verma

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Updated: 14 Feb 2022, 6:40 AM IST

ABG Shipyard Scam 22 Thousand crore Fraud SBI Tweeted

ABG Scam: एबीजी शिपयार्ड के 22 हजार करोड़ के स्कैम पर 28 बैंकों को लगा चुना, अब SBI ने कही ये बात

ABG Fraud: सीबीआई ने देश के सबसे बड़े बैंक धोखाधड़ी केस में एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड और उसके तत्कालीन अध्यक्ष-एमडी समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया। इन पर SBI की अगुवाई वाले बैंकों के एक संघ से 22,842 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप है। कंपनी ने SBI से 2,925 करोड़ रुपये का कर्ज लिया, लेकिन चुकाया नहीं। उन्होंने कई और बैंकों से भी कर्ज लिया और कभी भुगतान नहीं किया।


बैंकों के संघ ने सबसे पहले आठ नवंबर 2019 को शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर सीबीआई ने 12 मार्च 2020 को कुछ स्पष्टीकरण मांगा था। बैंकों के संघ ने उस साल अगस्त में एक नई शिकायत दर्ज की और डेढ़ साल से अधिक समय तक जांच करने के बाद सीबीआई ने इस पर कार्रवाई की। अधिकारी ने कहा कि कंपनी को एसबीआई के साथ ही 28 बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने 2468.51 करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी दी थी।

उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक ऑडिट से पता चला है कि वर्ष 2012-17 के बीच आरोपियों ने कथित रूप से मिलीभगत की और अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया, जिसमें धन का दुरुपयोग और आपराधिक विश्वासघात शामिल है। यह सीबीआई द्वारा दर्ज सबसे बड़ा बैंक धोखाधड़ी का मामला है।


सीबीआई ने देश के सबसे बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड और उसके तत्कालीन CMD ऋषि कमलेश अग्रवाल सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अधिकारियों ने शनिवार को कहा था कि यह मुकदमा भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई वाले बैंकों के एक संघ से कथित रूप से 22,842 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के संबंध में दर्ज किया गया।


एजेंसी ने अग्रवाल के अलावा तत्कालीन कार्यकारी निदेशक संथानम मुथास्वामी, निदेशकों - अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल नेवेतिया और एक अन्य कंपनी एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी कथित रूप से आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आधिकारिक दुरुपयोग जैसे अपराधों के लिए मुकदमा दर्ज किया। उन्होंने बताया कि इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा किया गया है।


बैंकों के संघ ने सबसे पहले आठ नवंबर 2019 को शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर सीबीआई ने 12 मार्च 2020 को कुछ स्पष्टीकरण मांगा था। बैंकों के संघ ने उस साल अगस्त में एक नई शिकायत दर्ज की और डेढ़ साल से अधिक समय तक जांच करने के बाद सीबीआई ने इस पर कार्रवाई की। अधिकारी ने कहा कि कंपनी को एसबीआई के साथ ही 28 बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने 2468.51 करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी दी थी।

यह भी पढ़ें-ABG Shipyard Scam: कैसे लगा 28 बैंकों को 23 हजार करोड़ का चूना, जानें सब कुछ


सीबीआई ने एक बयान में कहा, 'शनिवार को सूरत, भरूच, मुंबई, पुणे आदि में एक निजी कंपनी, निदेशकों सहित आरोपियों के परिसरों में 13 स्थानों पर तलाशी ली गई, जिसमें संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए।'