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कौन है George Soros? पीएम Modi पर 2020 में लगाया था आरोप, BJP संसद में कराना चाहती है चर्चा

George Soros: सोरोस को पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों का भी धुर आलोचक माना जाता है। 2020 में दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम पर एक भाषण के दौरान सोरोस ने पीएम मोदी और उनकी सरकार की खूब आलोचना की थी।
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Updated: 9 Dec 2024, 6:30 PM IST
George Soros
George Soros

George Soros: भारत की राजनीति में अमेरिका के अरबपति कारोबारी जॉर्ज सोरोस (George Soros) का नाम इन दिनों चर्चाओं में चल रहा है। बीजेपी ने कांग्रेस (Congress) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) समेत गांधी परिवार की आलोचना करने के लिए सोरोस के नाम का सहारा लिया है। इतना ही नहीं बीजेपी ने सोमवार को लोकसभा में राहुल गांधी पर भारत को कथित तौर पर अस्थिर करने के लिए जॉर्ज सोरोस जैसी अंतर्राष्ट्रीय ताकतों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। बीजेपी लगातार सोरोस का नाम लेकर राहुल गांधी को घेर रही है। बीजेपी ने इस मुद्दे पर चर्चा करने की मांग की जिसको लेकर राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) उस संगठन से जुड़ी हैं जो सोरोस से फंड लेती हैं।

कौन है जॉर्ज सोरोस

जॉर्ज सोरोस का नाम भारत में पहली बार नहीं आया है। इससे पहले भी सोरोस का नाम आ चुका है। इससे पहले अडाणी मुद्दे, मोदी सरकार पर टिप्पणी करके वह विवादों में आए थे। हंगरी के बुडापेस्ट में 1930 में सोरोस का जन्म हुआ था। सोरोस का नाता विवादों से रहा है। सोरोस का सबसे विवादित फाइनेंशियल मूव 1992 में आया था, उस समय उन्होंने ब्रिटिश पाउंड के खिलाफ दांव लगाया और एक ही दिन में 1 बिलियन डॉलर से अधिक की कमाई की। इसके बाद उन्हें द मैन हू ब्रोक द बैंक ऑफ इंग्लैंड का उपनाम भी दिया गया, जिसका अर्थ होता है-बैंक ऑफ इंग्लैंड को बर्बाद करने वाला व्यक्ति। 

पीएम मोदी के है धुर आलोचक

जॉर्ज सोरोस की पहचान एक ऐसे व्यक्ति की रही है जो विश्व के कई देशों की राजनीति और समाज को प्रभावित करने के लिए अपना एजेंडा चलाता है। सोरोस को पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों का भी धुर आलोचक माना जाता है। 2020 में दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम पर एक भाषण के दौरान सोरोस ने पीएम मोदी और उनकी सरकार की खूब आलोचना की थी। उन्होंने मोदी सरकार परअधिनायकवाद को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया था। इसके अलावा मोदी सरकार पर विभाजनकारी नीतियों को लागू करने का आरोप लगाया। पीएम मोदी को सोरोस ने विश्व स्तर पर लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा करने वाले राष्ट्रवादी नेताओं में से एक बताया था। सोरोस के इस बयान की भारतीय नेताओं ने कड़ी आलोचना की थी।

Updated on:
9 Dec 2024, 6:30 PM IST
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