
लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi), जो कभी कॉलेज का छात्र था और कैंपस राजनीति में शामिल था, आज भारत के सबसे कुख्यात गैंगस्टरों (Gangster) में से एक बन गया है। लॉरेंस बिश्नोई की अपराध (Crime) की दुनिया काफी बड़ी है। और इसे खत्म कर पाना काफी बड़ी चुनौती है। बाबा सिद्दीकी (Baba Siddique) की हत्या के बाद एजेंसियों से लेकर आम आदमी की जुबान पर बस एक ही नाम है वो है लॉरेंस बिश्नोई। लॉरेंस बिश्नोई इस वक्त गुजरात की साबरमती जेल में बंद है और बाबा सिद्दीकी मर्डर (Baba Siddique Murder Case) केस में ये तो साफ हो चुका है कि इस क्राइम के पीछे भी लॉरेंस बिश्नोई ही है। इससे पहले साल 2022 में पंजाब के मानसा गांव में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moose Wala) की हत्या, 2023 में कनाडा (Canada) में खालिस्तानी आतंकवादी (Khalistani Terrorist) हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar) की हत्या का भी आरोप है। लॉरेंस बिश्नोइ की हिटलिस्ट में कुछ बड़े नाम शामिल हैं, जिनमें सलमान खान (Salman Khan) पहले नंबर पर माने जा रहे हैं। ये मुद्दा खान के काले हिरण शिकार मामले में शामिल होने के बाद से शुरू हुई थी। बिश्नोई समुदाय (Bishnoi) में काले हिरण का बहुत सम्मान किया जाता है। सलमान पर निगरानी रखने के लिए बिश्नोई ने अपने सहयोगी संपत नेहरा को भेजा था, लेकिन नेहरा को हरियाणा पुलिस के विशेष कार्य बल ने गिरफ्तार कर लिया। मौके पर पुलिस बल के आ जाने के कारण अप्रैल 2024 में हुए गोलीबारी का प्रयास भी विफल रहा।
22 फरवरी 1992 को पंजाब के फाजिल्का (अबोहर) में पुलिस कॉन्स्टेबल के घर जन्मे लॉरेंस बिश्नोई आम लोगों की तरह एक साधारण परिवार में जन्मे थे। बिश्नोई 19 साल की उम्र में फाजिल्का के सीमावर्ती गांव से चंडीगढ़ आ गया था। लॉरेंस पढ़ाई के साथ जल्द ही छात्र राजनीति में आ गया। कॉलेज के दिनों में राजनीति में आते ही लॉरेंस का कानून व्यवस्था के साथ टकराव शुरू हो गया था। और कॉलेज के समय में ही लॉरेंस के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। बेशक, चंडीगढ़ और मोहाली में उनके खिलाफ पहले मामले छात्र राजनीति का नतीजा था, लेकिन उन्होंने वहीं से क्राइम की दुनिया में एंट्री ली थी।
बिश्नोई का नेटवर्क कनाडा, जर्मनी और अमेरिका तक फैला हुआ माना जाता है। यह एक ऐसा दशक है, जिसमें पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड और मध्य प्रदेश में उसके खिलाफ लगभग चार दर्जन मामले दर्ज है।
साल 2011 में, युवा अकाली दल के नेता विक्की मिद्दुखेड़ा (अब दिवंगत) ने पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र संगठन (एसओपीयू) के अध्यक्ष के रूप में लॉरेंस बिश्नोई के नाम की घोषणा की। साल 2021 में हुई अपने दोस्त की हत्या का बदला मूसेवाला को निशाना बनाकर लिया। हालांकि लॉरेंस के दोस्त की हत्या के मामले में पुलिस जांच में मूसेवाला की ओर इशारा नहीं किया गया था। साल 2013 तक बिश्नोई संगठित अपराध की दुनिया में किंग बन चुका था। खास तौर पर सुरक्षा देना और जबरन वसूली के रैकेट के साथ टारगेट किलिंग के मामले शामिल थे। आपको बता दें की 32 साल का बिश्नोई, जो अभी जेल में है दो देशों में 3 क्राइम केस में शामिल रहा है, लेकिन यह बात उतनी दिलचस्प नहीं है, जितनी यह कि उसने यह सब जेल में रहते हुए किया है। जहां वह पिछले 10 सालों से है, जब वह 22 वर्ष का था।
लॉरेंस बिश्नोइ का सबसे बड़ा टारगेट सलमान खान है साथ ही उसकी टारगेट लिस्ट में जीशान सिद्दीकी, मुनव्वर फारुकी, शगनप्रीत सिंह, कौशल चौधरी और अमित डागर भी शामिल है। पुलिस को बताया कि हाल ही में हुए जीशान सिद्दीकी के पिता बाबा सिद्दीकी पर हुए हमले का निशाना जीशान भी थे।
जब भी बात लॉरेंस बिश्नोई की आती है तो ज्यादातर लोगों के मन में यही सवाल आता है की आखिरकार लॉरेंस बिश्नोई का गुरु कौन है या लॉरेंस बिश्नोई किसे अपना हीरो मानते है। दरअसल लॉरेंस पूछताछ के दौरान उन्होंने एचटी को बताया कि कई अन्य गैंगस्टर के उलट बिश्नोई का अपराध की दुनिया में कोई गुरु नहीं है। वह खुद को ही अपना सबसे बड़ा हीरो मानता है।