फारूक अब्दुल्ला ने INDIA गठबंधन और खासकर कांग्रेस से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलाने में अपेक्षित समर्थन न मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने गठबंधन से एकजुट रणनीति अपनाने की अपील की, जबकि भाजपा के साथ जाने से इनकार करते हुए भविष्य में सुधार की उम्मीद जताई।
Farooq Abdullah: जम्मू-कश्मीर की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है, और इस बार वजह बने हैं नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला(Farooq Abdullah)। उन्होंने INDIA गठबंधन को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। खास तौर पर कांग्रेस की भूमिका से वे काफी निराश दिखे। मीडिया से बात करते हुए अब्दुल्ला ने साफ कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा दिलाने के मुद्दे पर गठबंधन ज्यादा मजबूती से आवाज उठाएगा। लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आया। उनके मुताबिक, यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं और पहचान से जुड़ा सवाल है।
INDIA Alliance पर तंज कसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गठबंधन फिलहाल अपने उद्देश्य के मुताबिक काम नहीं कर पा रहा है। उनका मानना है कि सिर्फ चुनावी समझौते करना काफी नहीं है। देश से जुड़े बड़े मुद्दों पर भी एकजुट होकर काम करना जरूरी है, जो अभी कहीं न कहीं कमजोर पड़ता दिख रहा है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि एक बड़ी पार्टी होने के नाते उससे ज्यादा सक्रिय भूमिका की उम्मीद थी। लेकिन वह अपेक्षा पूरी नहीं हुई। यह बात उन्होंने दुख के साथ कही, जिससे उनकी निराशा साफ झलकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि उनका रुख भारतीय जनता पार्टी के साथ जाने का बिल्कुल नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस INDIA गठबंधन का हिस्सा है और आगे भी रहेगा। उन्हें उम्मीद है कि चुनावों के बाद गठबंधन फिर से मजबूती से खड़ा होगा।
राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस पर फैसला ले सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं। साथ ही, उमर अब्दुल्ला को भी इस बारे में भरोसा दिया गया है। फारूक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि अब असली सवाल समय का है। यह फैसला कब होगा, यह कहना मुश्किल है। लेकिन उम्मीद बनी हुई है कि चुनावी प्रक्रिया खत्म होने के बाद इस दिशा में कदम बढ़ेंगे। युवा नेताओं को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति में ईमानदारी सबसे जरूरी है। लोगों को भ्रमित करने से कुछ हासिल नहीं होता, क्योंकि जनता सब समझती है।