
Houthi occupation of Mocha: यमन में हूती लड़ाकों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लाल सागर और बाब अल मंडेब स्ट्रेट के पास स्थित रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण बंदरगाह वाले शहर मोचा पर कब्जा कर लिया है। हूतियों की इस सफलता से ईरान खुश हुआ है। ईरानी संसद के अध्यक्ष बाघेर गालीबाफ ने कहा कि यह यमन के लोगों की जीत है।
गालीबाफ ने X पर एक पोस्ट में लिखा कि बहादुर यमनी लोग निश्चित रूप से विजयी होंगे, सर्वशक्तिमान ईश्वर की अनुमति से। उन्होंने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के बयान का जिक्र किया। खामेनेई ने कहा था कि हमें उम्मीद है कि, ईश्वर की इच्छा से यमन के लोगों का जिहाद और उनका प्रतिरोध व उनके कदम जीत तक जारी रहेंगे, सर्वशक्तिमान अल्लाह की अनुमति से।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नेतृत्व की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब यमन के हूतियों ने महत्वपूर्ण लाल सागर शहर मोचा पर कब्जा कर लिया है, जिससे रणनीतिक बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य पर उनका नियंत्रण बढ़ गया है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है। मीडिया ने रिपोर्ट किया कि ईरान-समर्थित हूतियों की आक्रामक कार्रवाई के बाद सऊदी समर्थित सरकारी सेना को पीछे हटना पड़ा। यमनी सरकार ने लड़ने की कोशिश की, लेकिन अंसार अल्लाह हूतियों ने जबरदस्त हमले किए। आखिरकार बंदरगाह और शहर पर उनका कब्जा हो गया।
बंदरगाह शहर के पतन ने यमन के नेतृत्व में तत्काल चिंता पैदा कर दी, जिसने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों को सुरक्षित करने के लिए तत्काल वैश्विक कार्रवाई की मांग की। इस बढ़त के बाद यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने कहा कि मोचा बंदरगाह और बाब अल-मंडब से जुड़ा घटनाक्रम पूरी तरह से यमनी मामला नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है जो सीधे वैश्विक व्यापार को प्रभावित करता है।
अल-अलीमी ने वैश्विक शक्तियों से सीधी अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण जलमार्ग और बंदरगाह दोनों जगहों पर हूतियों ने जो किया है उसे समाप्त करने के लिए हस्तक्षेप करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बाब अल-मंडब एक और होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं बन सकता और यमन एक और ईरान नहीं बन सकता। उन्होंने निर्णायक अंतरराष्ट्रीय कदमों की मांग की।
यमन की विदेश मंत्री अफराह अल-जुबा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को एक औपचारिक पत्र भेजा, जिसमें यमन के पश्चिमी तटीय क्षेत्र में बढ़ती स्थिति को लेकर एक मजबूत और एकजुट अंतरराष्ट्रीय रुख अपनाने का आग्रह किया गया।
इससे पहले गुरुवार को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा था कि यमन के हूती स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं और किसी से आदेश नहीं लेते। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि यह समूह तेहरान के प्रॉक्सी के रूप में काम करता है।
बघई ने X पर एक पोस्ट में वाशिंगटन पर आरोप लगाया कि वह अपनी सैन्य उपस्थिति और वर्चस्ववादी नीतियों के जरिए क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा दे रहा है। इस बात पर जोर दिया कि यमन में स्थायी शांति के लिए बाहरी हस्तक्षेप को समाप्त करना जरूरी है।