
मणिपुर में CRPF काफिले पर फायरिंग(फोटो-ANI)
Manipur CRPF Attack: मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में गुरुवार शाम केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के काफिले पर अज्ञात हथियारबंद लोगों ने गोलीबारी कर दी। हमलावर एक चार पहिया वाहन में सवार थे। पुलिस के मुताबिक, हमले में किसी जवान के घायल होने की खबर नहीं है। घटना शाम करीब 6:20 बजे खोंगहामपट लाइकोल लीकाई इलाके में हुई। उस समय CRPF की 152वीं बटालियन के जवान राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर खोंगहामपट और फेइडिंगा के बीच पैदल गश्त कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने सुरक्षा बलों की ओर कई राउंड फायर किए और इसके तुरंत बाद मौके से फरार हो गए। वे हाईवे के उत्तरी हिस्से की ओर सेक्माई गांव की दिशा में भागे। घटनास्थल के आसपास तलाशी के दौरान AK-47 की करीब आठ खाली कारतूस की खोखियां बरामद की गई हैं। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि गोलीबारी किस संगठन या समूह के लोगों ने की। हमले की सूचना मिलते ही इंफाल पश्चिम जिला पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। सेक्माई थाना पुलिस के जवानों ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। संबंधित थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में शुरू हुआ जातीय संघर्ष बाद में राज्य के कई समुदायों तक फैल गया। हिंसा में अब तक कम से कम 260 लोगों की मौत हुई है और करीब 60,000 लोग विस्थापित हुए हैं। मैतेई समुदाय की बड़ी आबादी इंफाल घाटी में रहती है, जबकि कुकी-जो समुदाय मुख्य रूप से पहाड़ी इलाकों में रहता है। राज्य सरकार का कहना है कि समुदायों के बीच कोई आधिकारिक 'बफर जोन' नहीं है, हालांकि कुछ इलाकों को संवेदनशील क्षेत्र के तौर पर चिन्हित किया गया है।
करीब एक साल तक राष्ट्रपति शासन लागू रहने के बाद फरवरी में मणिपुर में नई सरकार का गठन हुआ था। सरकार में राज्य के तीन प्रमुख समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य में जातीय संतुलन बनाए रखना और लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करना है।
Updated on:
10 Sept 2026 10:00 pm
Published on:
10 Sept 2026 10:00 pm
