
प्रशांत किशोर(फोटो-IANS)
Prashant Kishor: जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने बिहार सीएम सम्राट चौधरी के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने PK को बेचारा कहा था। गुरुवार को सहरसा में जन सुराज पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि वह सच में 'बेचारा' हैं, क्योंकि उनके पास बिहार को बेहतर बनाने के अपने संकल्प पर डटे रहने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं है। उन्होंने राज्य में बाढ़ के संकट, राहत कोष के कथित दुरुपयोग और शराबबंदी की विफलता को लेकर भी NDA सरकार पर निशाना साधा।
सीएम सम्राट चौधरी के बयान का जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "सम्राट चौधरी जी ने मुझे बेचारा कहा, बिल्कुल सही बात है। हम तो बेचारे हैं ही, क्योंकि हमारे पास बिहार छोड़कर जाने का कोई चारा नहीं है। बेचारा वह होता है जिसके पास कोई दूसरा चारा न बचे। हमारे पास बिहार को सुधारने के संकल्प के अलावा कोई विकल्प नहीं है, और हम सम्राट चौधरी जैसे अनपढ़ और आपराधिक छवि के लोगों के हाथ में बिहार का भविष्य सौंपकर कहीं जा नहीं सकते। इस नजरिए से हम पूरी तरह बेचारे हैं।"
प्रशांत किशोर ने कोसी और सीमांचल इलाकों में बाढ़ की स्थिति को लेकर NDA गठबंधन से जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग कभी नहीं चाहते कि बाढ़ की समस्या का कोई स्थायी समाधान हो। प्रशांत किशोर ने कहा, "यहां सत्ता में बैठे लोगों के लिए बाढ़ कमाई का सबसे बड़ा ज़रिया है, तटबंध बनाने में चोरी, तटबंध टूटने पर चोरी और राहत कार्यों के नाम पर चोरी। अगर PWD कोई सड़क बनाती है, तो घोटाले के सबूत रह जाते हैं और जांच के दौरान अधिकारी फंस सकते हैं, लेकिन जल संसाधन विभाग अलग है क्योंकि हर साल आने वाली बाढ़ भ्रष्टाचार के सारे सबूत बहा ले जाती है।"
बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाए जा रहे राहत कार्यों पर प्रशांत किशोर ने कहा कि राहत सामग्री जनता की मेहनत की कमाई से बांटी जा रही है, फिर भी नेता अपनी तस्वीरें लगाकर खुद का प्रचार करने के लिए इस मौके का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "ऐसा लगता है जैसे सम्राट चौधरी अपने पिता की जेब से पैसे बांट रहे हों। BJP के बैंक खातों में 30,000 करोड़ हैं। अगर उन्हें सच में बिहार के गरीबों की चिंता है, तो उन्हें बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपने पार्टी फंड से 500 करोड़ निकालने चाहिए।"
शराबबंदी कानून को लेकर प्रशांत किशोर ने अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए इसे पूरी तरह फर्जी बताया। उन्होंने कहा कि यदि इस व्यवस्था को तुरंत नहीं बदला गया तो बिहार बहुत जल्द 'उड़ता पंजाब' की राह पर चला जाएगा। उन्होंने कहा, "शराबबंदी केवल कागजों पर सिमट कर रह गई है। जमीनी स्तर पर गांव-गांव और घर-घर सूखा नशा फैल चुका है, जिससे युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो रही है। इस कानून से केवल भ्रष्ट नेताओं, अधिकारियों और शराब माफिया की तिजोरियां भर रही हैं, जबकि राज्य सरकार और आम जनता को केवल आर्थिक व सामाजिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।"
Updated on:
10 Sept 2026 09:46 pm
Published on:
10 Sept 2026 09:46 pm
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