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इंटरनेट बंद होने से थम गया झारखंड हाई कोर्ट का काम! जज ने JIO-AIRTEL सहित सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों से मांगा जवाब

Ranchi Internet Service: रांची के कई इलाकों में इंटरनेट सेवा बाधित होने से आम लोगों को हो रही परेशानी पर झारखण्ड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सभी इंटरनेट कंपनियों से काटे गए और बहाल किए गए कनेक्शनों की पूरी जानकारी मांगी है।
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Internet Suspension Ranchi

झारखण्ड हाईकोर्ट (फोटो-ANI)

Jharkhand High Court: रांची के कई इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद होने से आम लोगों को हो रही परेशानी पर झारखण्ड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। शहर में बिजली के खंभों पर फैले इंटरनेट तारों के मकड़जाल को हटाने की कार्रवाई के दौरान कई कनेक्शन बाधित हो गए थे। इससे लंबे समय तक जनता को इंटरनेट की सेवा नहीं मिल पा रही थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर स्वतः संज्ञान लेते हुए स्प्ष्ट कहा है कि तार हटाने के नाम पर आम जनता की इंटरनेट सेवा अनिश्चितकाल तक बंद नहीं रखी जा सकती और बाधित कनेक्शन जल्द बहाल किए जाने चाहिए।

सभी इंटरनेट कंपनियों से मांगा जवाब

मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने अदालत में दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से जवाब मांगा है। कंपनियों को बताना होगा कि किस तारीख को, किन इलाकों में और कितने इंटरनेट कनेक्शन काटे गए। साथ ही अब तक कितने कनेक्शन दोबारा शुरू किए गए हैं, इसकी भी जानकारी देनी होगी। साथ ही अदालत ने बाधित सेवाओं को तुरंत बहाल करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने अपनी मौखिक टिप्पणी में कहा कि उसके आदेश की ‘मिसअंडरस्टैंडिंग’ के कारण आम जनता को बेवजह परेशानी झेलनी पड़ रही है। इससे पहले पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि रांची शहर में अगर तार सही से नहीं लगे हुए है या झूल रहे है, तो इसकी जिम्मेदारी जेबीवीएनएल की है।

अधिकारी अदालत में हुए पेश

गुरुवार को हुई सुनवाई में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के सीएमडी श्रीनिवासन समेत बीएसएनएल, जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए। खंडपीठ ने सभी ऑपरेटर कंपनियों से इंटरनेट सेवा बंद होने और उसकी बहाली की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। सुनवाई के दौरान बीएसएनएल के चीफ जनरल मैनेजर विपुल अग्रवाल के रवैये पर भी हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। हाईकोर्ट के एक अधिकारी से फोन पर अनुचित तरीके से बात करने के मामले में अदालत ने उन्हें 14 सितंबर तक लिखित और बिना शर्त माफीनामा देने का आदेश दिया।

हाईकोर्ट की इंटरनेट लाइन हुई बहाल

बीएसएनएल और जियो ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट की बाधित इंटरनेट लाइन बहाल कर दी गई है। कंपनियों ने सार्वजनिक उपयोग वाली सेवाओं और आम नागरिकों के निजी इंटरनेट कनेक्शन भी जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।

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