
सोनम वांगचुक(फोटो-ANI)
Ladakh Protest: लद्दाख को राज्य का दर्जा देने समेत अपनी मांगों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाया है। उन्होंने पिछले साल लद्दाख में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा को लेकर सवाल उठाए और कहा कि यह घटना रहस्यमयी थी और इसे किसी तरह प्रभावित किया गया था। वांगचुक ने कहा कि वह अब भी इस मामले की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जबकि कई युवाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने मांग की कि इन युवाओं के खिलाफ चल रहे मामलों को वापस लिया जाना चाहिए।
सोनम वांगचुक ने 9 सितंबर को गृह मंत्रालय के साथ हुई बैठक पर भी निराशा जताई। उन्होंने कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, लेकिन इसमें कोई नया और ठोस फैसला सामने नहीं आया। उनके मुताबिक, करीब चार महीने पहले जिन बातों पर सहमति बनी थी, बैठक में उन्हीं को दोहराया गया। वांगचुक ने कहा कि उन्हें लगा कि बैठक का मकसद समय हासिल करना और 10 सितंबर को लद्दाख में प्रस्तावित बड़ी पदयात्रा को टालना था।
वांगचुक ने कहा कि वह अगले एक सप्ताह तक इस बात का आश्वासन मिलने का इंतजार करेंगे कि लद्दाख से जुड़े कोई बड़े फैसले तब तक नहीं लिए जाएंगे, जब तक क्षेत्र में लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि तब तक केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन लद्दाख के स्वरूप और भू-दृश्य में बदलाव से जुड़े कदमों पर रोक लगाए। साथ ही, क्षेत्र में वैध लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल की जाए और प्रशासन चुने गए लोकतांत्रिक निकाय के साथ मिलकर काम करे।
वांगचुक ने सवाल उठाया कि अगर प्रशासन पहले ही एकतरफा तरीके से लद्दाख में बड़े बदलाव कर देगा, तो भविष्य में चुनी जाने वाली विधानसभा के पास काम करने के लिए आखिर क्या बचेगा?
नई दिल्ली में गृह मंत्रालय की सब-कमेटी के बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने मशहूर कॉमेडियन जसपाल भट्टी के एक पुराने शो का वीडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर शेयर किया। वांगचुक ने इशारों में कहा कि बातचीत से कोई खास नई बात सामने नहीं आई।
Updated on:
10 Sept 2026 09:02 pm
Published on:
10 Sept 2026 09:02 pm
