
नीमच. जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ्य रहें, स्वस्थ्य रहने के साथ वे अपनी सेहत का भी ध्यान रख सकें। इसलिए शासन द्वारा उन जरूरतमंद महिलाओं की मदद करने की ठान ली है, जो दो पैसे के अभाव में अपना व बच्चे का ध्यान नहीं रख पाते हैं। इस कारण मात्र एक सप्ताह में जिले की ३३३ महिलाओं को ४० लाख ५२ हजार ६०० रुपए की सहायता प्रदान की गई है। ताकि वे अपना और अपने बच्चे की सेहत का पर्याप्त ध्यान रख सकें।
बतादें की श्रमिक परिवार की अधिकतर महिलाएं मेहनत मजदूरी कर अपना घर चलाती हैं। अधिकतर श्रमिक पति पत्नी दोनों मिलकर काम करते हैं तब जाकर उनका जीवन यापन होता है। ऐसे में डिलेवरी पीरीयड के दौरान काम न कर पाने के कारण उन्हें आर्थिक अभाव के चलते किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। इसलिए प्रसव पूर्व जांच कराने पर ४ हजार रुपए व डिलेवरी होने पर १२ हजार रुपए की सहायता राशि सीधे प्रसूता के खाते में डाली जा रही है। ताकि एक स्वस्थ्य समाज का निर्माण हो सके।
मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूती सहायता योजना जिले में १३ जून से प्रारंभ हो चुकी है। इस योजना के तहत उन महिलाओं को लाभ प्रदान किया जा रहा है। जो महिलाएं श्रमिक वर्ग से हैं। चूकि यह महिलाएं असंगठित क्षेत्र में कार्य करती हैं। इस कारण यह पक्का नहीं रहता है कि उन्हें हर दिन काम मिले ही सही, साथ ही जहां भी वे काम करती हैं उन्हें प्रेगनेंसी के दौरान अवकाश लेने पर किसी प्रकार का वेतन नहीं मिलता है। ऐसे में श्रमिक वर्ग की महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान व डिलेवरी के बाद अपना और अपने बच्चे की सेहत का ध्यान रखने के लिए शासन द्वारा आर्थिक सहायता देने की ठानी है।
योजना के तहत शुरूआत में उन महिलाओं को शामिल किया गया है। जिस महिला का गर्भधारण जुलाई २०१७ या उसके बाद हुआ हो व डिलेवरी अप्रैल २०१८ या उसके बाद हुई हो, वे हितग्राही की श्रेणी में आरहे हैं। जिले में १ अपै्रल २०१८ से ३१ मई २०१८ तक कुल १३६५ डिलेवरी हुई है। जिसमें से मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूती सहायता योजना के तहत करीब ६३४ का टारगेट लेकर कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत मंगलवार दोपहर बाद तक करीब ३३३ महिलाओं के खाते में ४० लाख ५२ हजार ६०० रुपए की राशि ऑनलाईन ट्रांसफर की जा चुकी थी। चूकि यह योजना हाल ही में १३ जून से प्रारंभ हुई है। जो नियमित जारी रहेगी।
इस प्रकार मिलता है लाभ
श्रमिक सेवा प्रसूती योजना के तहत सहायता राशि का लाभ प्राप्त करने के लिए हितग्राही के पास श्रमिक कार्ड, समग्र आईडी में पंजीयन, शासकीय अस्पताल में डिलेवरी व आधार लिंक बैंक खाता अनिवार्य है। यह सब होने पर ४ प्रसव पूर्व जांच कराने पर ४ हजार रुपए व शासकीय अस्पताल में डिलेवरी कराने पर १२ हजार रुपए दिए जा रहे हैं। योजना का लाभ लेने के लिए डिलेवरी वाली महिलाएं आशा या एएनएम से भी जानकारियां प्राप्त कर सकती है साथ ही ब्लॉक ऑफिस पर दस्तावेज जमा करवाकर लाभ ले सकती हैं।
वर्जन.
योजना के तहत प्रसव पूर्व ४ जांच कराने पर ४ हजार रुपए व डिलेवरी होने पर १२ हजार रुपए का लाभ सीधे खाते में प्रदान किया जाता है। यह योजना काफी अच्छी है। जिससे आर्थिक लाभ मिलने पर प्रसव के पूर्व गर्भवती महिला अपना व प्रसव के बाद अपना व बच्चे की सेहत का भी भरपूर ध्यान रख सकती है।
-चंद्रपालसिंह राठौड़, जिला कम्युनिटी मोबिलाईजर