
Jewellers Shops Sealed: चांदनी चौक के कूचा महाजनी बाजार में गुरुवार को नगर निगम की कार्रवाई से कारोबारियों में हड़कंप मच गया। निगम ने आभूषण और बुलियन कारोबार से जुड़ी कम से कम 56 दुकानों को सील कर दिया। कारोबारियों का कहना है कि दुकानों के अंदर करोड़ों रुपए के सोने-चांदी के जेवर और अन्य कीमती सामान बंद हैं। ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने बताया कि निगम और पुलिस की टीम कूचा महाजनी पहुंची।
कारोबारियों के मुताबिक अधिकारियों ने कई दुकानों और अलग-अलग इमारतों पर नोटिस चस्पा किए और इसके बाद एक साथ दुकानों को सील कर दिया। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें कार्रवाई की जानकारी दुकान खोलने पहुंचने के बाद मिली। कूचा महाजनी ट्रेडर्स एसोसिएशन के सदस्य ऋषि वर्मा ने आरोप लगाया कि दुकानों पर लगाए गए नोटिस पुराने तारीख के हैं। कारोबारियों के संगठन की ओर से साझा किए गए एक नोटिस पर 12 मई 2026 की तारीख दर्ज है।
नोटिस में संपत्ति के बेसमेंट के व्यावसायिक इस्तेमाल को नियमों के खिलाफ बताया गया है। इसमें मास्टर प्लान-2021 के तहत बेसमेंट का इस्तेमाल तय प्रावधानों के अनुसार करने और 48 घंटे के भीतर स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए थे। ऐसा नहीं करने पर परिसर सील करने की चेतावनी दी गई थी। कारोबारियों का आरोप है कि उन्हें 48 घंटे का समय पूरा होने से पहले ही सीलिंग की कार्रवाई कर दी गई। उनका कहना है कि कई दुकानों में बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर रखे हुए हैं। चांदनी चौक में सीलिंग के बाद कारोबारियों को इन सामानों की सुरक्षा को लेकर चिंता है।
यह कार्रवाई शहर में खतरनाक और नियमों के उल्लंघन वाली इमारतों के खिलाफ चल रहे नगर निगम के अभियान के बीच हुई है। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में सात लोगों की मौत के बाद निगम ने ऐसी संपत्तियों पर कार्रवाई तेज की है। ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि हादसे के बाद सिर्फ कारोबारियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। संगठन ने पूछा कि क्या संबंधित सरकारी विभागों और नेताओं की भूमिका की भी जांच होगी। मामले में नगर निगम की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।