नई दिल्ली

केरल-कर्नाटक के बाद अब कांग्रेस में संगठनात्मक सर्जरी की तैयारी

केरल और कर्नाटक में बड़े राजनीतिक फैसलों के बाद कांग्रेस अब संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में बढ़ रही है। आने वाले दिनों में राष्ट्रीय कार्यकारिणी, एआईसीसी के विभिन्न विभागों और कई राज्यों के संगठन में व्यापक फेरबदल किया जा सकता है। कर्नाटक में प्रदेश अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में हरियाणा के प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद के राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना है। इससे पहले महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला केरल सरकार में मंत्री बन चुके हैं। इसके अलावा पंजाब में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए 2 जून को बैठक बुलाई गई है।
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Updated: 1 Jun 2026, 12:28 PM IST
Two leaders left for Delhi to arrange for the corraling of Congress MLAs
युवा कांग्रेस चुनाव (photo Patrika)

नई दिल्ली। केरल और कर्नाटक में बड़े राजनीतिक फैसलों के बाद कांग्रेस अब संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में बढ़ रही है। आने वाले दिनों में राष्ट्रीय कार्यकारिणी, एआईसीसी के विभिन्न विभागों और कई राज्यों के संगठन में व्यापक फेरबदल किया जा सकता है।

कर्नाटक में प्रदेश अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में हरियाणा के प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद के राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना है। इससे पहले महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला केरल सरकार में मंत्री बन चुके हैं। इसके अलावा पंजाब में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा के लिए 2 जून को बैठक बुलाई गई है।

राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी पंजाब की राजनीति में सक्रिय रुचि दिखा रहे हैं। वहीं असम विधानसभा चुनाव में हार के बाद महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। तमिलनाडु के प्रभारी गिरीश चोडनकर को गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया जा चुका है। इन परिस्थितियों को देखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस में व्यापक बदलाव की तैयारी चल रही है। सूत्रों के अनुसार राजस्थान और मध्यप्रदेश के कुछ नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

2029 के लिए नई टीम बनाने की कवायद

कांग्रेस रणनीतिकारों का मानना है कि अगले दो वर्षों में कई बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। खासतौर पर हिंदी पट्टी के राज्यों को लेकर पार्टी कोई ढील नहीं देना चाहती। ऐसे में संगठनात्मक बदलावों को आगामी चुनावी जरूरतों के अनुरूप किया जाएगा। साथ ही 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को नई ऊर्जा और स्पष्ट जवाबदेही के साथ खड़ा करने की रणनीति पर काम चल रहा है। इसी उद्देश्य से पिछले कुछ समय से राज्यों के संगठनात्मक प्रदर्शन, राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।

युवा, महिलाएं और सामाजिक संतुलन पर जोर

सूत्रों के मुताबिक पार्टी युवा और महिला नेताओं को अधिक अवसर देने के साथ सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए नई टीम बनाने की कवायद में जुटी है। संगठन में अनुभव और युवा नेतृत्व के संतुलन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कुछ राज्यों को मिल सकते हैं नए प्रदेश अध्यक्ष

सूत्रों का कहना है कि कुछ राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों को पद पर पांच वर्ष या उससे अधिक समय हो चुका है। ऐसे में कई प्रदेश इकाइयों में नेतृत्व परिवर्तन पर विचार किया जा रहा है। कर्नाटक, केरल, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कुछ राज्यों को लेकर भी पार्टी के भीतर चर्चा चल रही है। हालांकि अंतिम निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष और शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही होगा।

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1 Jun 2026, 12:28 PM IST
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