
'वंदे मातरम' को लेकर कांग्रेस का रुख रखते कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा। (फाइल फोटो-IANS)
Vande Mataram Row: 'वंदे मातरम' को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के पूरे 'वंदे मातरम' के दौरान खड़े रहने की भाजपा ने तारीफ की है। वहीं, कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस अपनी तय परंपरा के मुताबिक गीत के निर्धारित हिस्से ही गाती है।
पवन खेड़ा ने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां 'वंदे मातरम' के वही दो हिस्से गाए जाते हैं, जिन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के समय तय किया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उम्मीद है कि उसके सहयोगी दल भी इसी परंपरा का पालन करेंगे।
खेड़ा ने कहा कि इन दो हिस्सों को देश को एकजुट करने वाली भावना से जोड़ा जाता है। कांग्रेस का कहना है कि इस मुद्दे पर पार्टी पहले भी अपना रुख साफ कर चुकी है।
भाजपा ने उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला के पूरे गीत के दौरान खड़े रहने को सम्मान का संकेत बताया। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि दोनों नेताओं के साथ कई राजनीतिक मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने 'वंदे मातरम' का सम्मान किया है।
उन्होंने कहा कि उमर और फारूक ने केंद्र के फैसले का भी सम्मान किया। भाजपा नेता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब दोनों नेता पूरे गीत के दौरान खड़े रह सकते हैं, तो कांग्रेस को भी इससे सीख लेनी चाहिए।
सीपीआई सांसद पी. संतोष ने कहा कि हर राजनीतिक दल को ऐसे मुद्दों पर अपनी राय रखने का अधिकार है। उन्होंने उमर और फारूक अब्दुल्ला को अनुभवी नेता बताते हुए कहा कि अलग-अलग पार्टियों का नजरिया अलग हो सकता है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि 'वंदे मातरम' को लेकर बेवजह विवाद नहीं बढ़ना चाहिए। उनके मुताबिक, राजनीतिक दलों को देश और जनता से जुड़े दूसरे जरूरी मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए।
बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस पर 'वंदे मातरम' के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का सम्मान हर हाल में किया जाना चाहिए।
इस पूरे मामले में अब उमर और फारूक अब्दुल्ला का रुख, पवन खेड़ा का बयान और भाजपा की प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बन गए हैं। एक तरफ कांग्रेस निर्धारित परंपरा की बात कर रही है, वहीं भाजपा पूरे गीत के दौरान खड़े रहने को सम्मानजनक कदम बता रही है।
इस बीच पवन खेड़ा ने दिल्ली के मंत्री आशीष सूद के एक बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारों की ओर से घोषणाएं तो बहुत होती हैं, लेकिन जमीन पर उनका असर कितना होता है, यह जनता अब समझ चुकी है।
Updated on:
09 Sept 2026 04:30 pm
Published on:
09 Sept 2026 04:30 pm
