दमन के खिलाफ : 2600 किमी के सफर के बाद कर्नाटक में गिरफ्तार
नई दिल्ली. खाड़ी देश ओमान में कंपनी के कथित जुल्मों से परेशान होकर तीन भारतीय कंपनी की बोट लेकर भाग निकले। छोटी-सी बोट में करीब 2,600 किलोमीटर का सफर करने के बाद उन्हें कर्नाटक के उडुपी में तटीय सुरक्षा बल ने गिरफ्तार कर लिया। इनके नाम डोरसे अल्फोंसे, रोबिंस्टन और जेम्स फ्रैंकलिन हैं। दो तमिलनाडु के रामनाथ पुरम और एक तिरुनवेल्ली का रहने वाला है। इनका कहना है ओमान में जिस कंपनी में काम कर रहे थे, उनका शोषण करती थी, पैसे नही देती थी और उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया था। इसलिए वे बोट लेकर भाग आए।शुरुआती जांच में पता चला कि तीनों ओमान में एक मछली पकडऩे वाली कंपनी में काम कर रहे थे। पूछताछ में इन्होंने बताया कि इनके साथ गुलामों जैसा व्यवहार होता था। कोस्टल सिक्योरिटी के एसपी एच. एन. मिथुन ने बताया कि तीनों को मैरीटाइम एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया। पुलिस ने इनके परिवार को सूचित कर दिया है।
आतंकी एंगल नहीं
पुलिस को तीनों के वेरिफिकेशन के साथ बैकग्राउंड की जांच में कोई आतंकी एंगल नहीं मिला। तटीय सुरक्षा बल के एक अफसर ने बताया कि दक्षिण के राज्यों में समुद्र की सतत निगरानी की जाती है। अवैध तौर पर आने वाली बोट इससे पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं।
खतरनाक सफर
तीनों ओमान के तुक्कम से 17 फरवरी को 50 लीटर पीने का पानी और खाने का सामान लेकर रवाना हुए थे। मेकेनाज्ड फिशिंग बोट की लंबाई 20 मीटर है। करीब नौ दिन का समुद्री सफर खतरनाक था, लेकिन चूंकि तीनों फिशिंग बोट चलाने में अभ्यस्त हैं, रास्ते में कोई रुकावट नहीं आई।