आइवीएफ : क्लिनिक ने प्रभावितों से मांगी माफी
सिडनी. ऑस्ट्रेलिया में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आइवीएफ) के जरिए मां बनी एक महिला ने अजनबी के बच्चे को जन्म दे दिया। ब्रिस्बेन की मोनाश आइवीएफ क्लिनिक में इंसानी गलती के कारण ऐसा हुआ। क्लिनिक ने शुक्रवार को बयान में बताया कि यह गलती तब सामने आई, जब स्टाफ को पता चला कि स्टोरेज में एक दंपती के जरूरत से ज्यादा भ्रूण मौजूद हैं। एक मरीज का भ्रूण गलती से महिला को ट्रांसफर कर दिया गया, जिससे वह गर्भवती हो गई।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महिला और उसका पति श्वेत श्वेत हैं, लेकिन पैदा हुआ बच्चा सांवला है। क्लिनिक के सीईओ माइकल क्नैप ने कहा, हम इस त्रुटि को लेकर सभी प्रभावित लोगों से माफी मांगते हैं। शुरुआती जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि अन्य मामलों में भी ऐसी चूक हुई होगी। हालांकि मामले की रिपोर्ट राज्य की नियामक संस्था को सौंप दी गई है। मोनाश आइवीएफ के क्लिनिक ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में हैं। पिछले साल 700 से ज्यादा मरीजों ने उस पर मुकदमे किया था। इनका आरोप था कि क्लिनिक ने संभावित रूप से उपयोगी भ्रूणों को नष्ट कर दिया था। हालांकि क्लिनिक ने इससे इनकार किया था।
ऐसे मामले पहले भी
भ्रूणों की अदला-बदली के मामले अमरीका, ब्रिटेन, इजरायल और यूरोप में भी हो चुके हैं। फरवरी 2024 में अमरीका के जॉर्जिया राज्य की एक महिला क्रिस्टेना मरे ने एक क्लिनिक के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। मरे और शुक्राणुदाता श्वेत थे, जबकि बच्चा अश्वेत था। बाद में बच्चा जैविक माता-पिता को सौंप दिया गया।
अलग-अलग नियम
ऑस्ट्रेलिया में आइवीएफ से जुड़े नियम हर राज्य में अलग-अलग हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वजह से ऐसी त्रुटियों का खतरा बढ़ जाता है। क्वींसलैंड ने पहली बार पिछले साल आइवीएफ से जुड़े नियमों को कानून का रूप दिया। वहां डोनर की मेडिकल हिस्ट्री को नष्ट करना अवैध है।