सीडीेएस बिपिन रावत का आज एक हादसे में निधन हो गया है। इसके चलते कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कल यानि 9 नवंबर को अपना जन्मदिन न मनाने का फैसला किया है।
नई दिल्ली। तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए विमान हादसे में सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी का निधन हो गया है। इस घटना के बाद से देश में शोक की लहर है। देश और दुनिया के दिग्गज बिपिन रावत के निधन पर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, सोनिया गांधी ने देश में हुए इस हादसे के चलते कल यानि 9 दिसबंर को होने वाला अपना जन्मदिन न मनाने का ऐलान कर दिया है। सोनिया गांधी ने कहा कि आज देश के सीडीएस, उनकी पत्नी सहित 13 जवानों के निधन से आहत हुई हैं। ऐसे में मैं अपना जन्मदिन नहीं मना सकती। इसलिए मैंने 9 दिसंबर को अपना जन्मदिन न मनाने का फैसला लिया है।
इसके साथ ही पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से भी मेरी अपील है कि कल मेरे जन्मदिन का जश्न न मनाएं।बता दें कि कांग्रेस ने इस हादसे पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि हम सीडीएस जनरल बिपिन रावत की पत्नी मधुलिका रावत सहित जवानों के निधन पर दुखी हैं। सभी को मेरी श्रद्धांजलि, ईश्वर शोक-संतृप्ति परिवारों को इस दुख की घड़ी में शक्ति दे।
सोनिया गांधी ने लिया जन्मदिन न मनाने का फैसला
इसके साथ ही कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने ट्वीट कर इस घटना पर दुख जताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आदरणीय कांग्रेस अध्यक्ष ने 9 दिसंबर को अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया है। सोनिया गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी तरह के जश्न से बचें। बता दें कि सोनिया गांधी गुरुवार को वह 75 साल की हो जाएंगी।
राहुल गांधी ने जताया दुख
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी तमिलनाडु हेलिकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी की मौत पर दुख जताया है। राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा कि मैं जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। यह काफी दुखद हादसा है और इस मुश्किल वक्त में अन्य जवानों के प्रति भी गहरी संवेदना है। इस दुख की घड़ी में भारत एकजुट है।
बता दें कि इस हादसे को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री ने भी शोक जताया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लिखा कि आज देश ने अपने एक बहादुर सपूत को खो दिया है। मातृभूमि के प्रति चार दशकों की नि:स्वार्थ सेवा उनके अद्वितीय शौर्य एवं बहादुरी से परिपूर्ण रही।